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सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया जिसके बाद देश में क्रिया प्रतिक्रिया का दौर चल पड़ा। बजट पेश होने के दौरान लोकसभा में मौजूद कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने इस बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुवे इस बजट को स्वस्थ ,शिक्षित,समृद्ध व सशक्त भारत निर्माण के लिए संजीवनी साबित होने वाला बजट बताते हुवे इस चौपाई
परहित सरिस धर्म नहीं भाई,पर पीरा सम नही अधिमाई,निज दुख गिरी सम रज करी जाना,मित्र के दख रज मेरु समाना। के साथ अपनी प्रतिक्रिया को आगे बढ़ाया।
मंडावी ने दूरभाष के माध्यम से पत्रकारों से चर्चा करते हुवे कहा कि केंद्रीय बजट का करोना काल जैसे चुनौती पूर्ण समय पर पेश होना ऐतिहासिक पल है।यह बजट विषम परिस्थितियों में पेश किया गया बेहतरीन बजट है।देश के विकास के लिए यह बजट बहुत अहम है।देश को इस विषम परिस्थिति से निकालने के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2.23 लाख रुपए का आवंटन किया जाएगा। कोवीड वैक्सीन के लिए इस साल 35हजार रुपए और जरूरत पड़ने पर इससे भी अधिक राशि का प्रावधान रखा गया है। यही नहीं प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना लांच कर 6 वर्षों में 64180 करोड़ रुपए जनता के बेहतर स्वास्थ्य के लिए खर्च किए जाएंगे।2021-22 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में 223846 करोड़ की राशि खर्च किया जाना है। न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी रखने और ए पी एस को इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के दायरे में लाने की घोषणा ने विपक्ष के झूठ और नफरत की राजनीति पर करारा तमाचा है।हर कर्मचारी को न्यूनतम वेतन योजना,प्रवासी मजदूरों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना जैसे प्रावधान देश की जनभावनाओं का प्रतिबिंब करने वाले है।महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सरकार ने बजट में जो प्रावधान किए है वह देश की मातृशक्ति का सम्मान है।किसी प्रकार का कोई नया टैक्स नहीं लागू करना यह सरकार के प्रति जनभावनाओं के विश्वास को और मजबूत साबित करता है।बैंकिग वर बीमा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में लिये गए निर्णय से जनता को राहत मिलना स्वाभाविक है।देश के ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए 10 हजार करोड़ बढ़ाते हुवे इस बार 40 हजार का बजट ग्रामीन क्षेत्रों के लिए लाभदायक होगा। उच्च शिक्षा का गठन होगा।15000 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाया जाएगा।आदिवासी क्षेत्रों में 758 एकलव्य विद्यालय खोले जाने से सुदूर अंचलों में ज्ञान के दीप जलेंगे।जहां प्रत्येक एकलव्य विद्यालय के निर्माण व सुविधाओं में 38 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।100 सैनिक विद्यालय का प्रावधान शिक्षा के क्षेत्र में एक संजीवनी की तरह साबित होंगे।बुजुर्गो को भी इस बजट में राहत देते दी है अब 75 वर्ष से अधिक पेंशनधारी बुजुर्गो को आईटिआर नहीं भरना होगा।रोजगार पैदा करने वालो के लिए भी सरकार ने कदम उठाए है जिसके तहत 7टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के साथ साथ 7400हजार प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।
कांकेर सासंद मोहन मंडावी ने इस बजट को लोककल्याण कारी बजट बताते हुवे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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