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सांसद मोहन मंडावी ने धमतरी से कांकेर होते हुए जगदलपुर रेलमार्ग के विस्तारीकरण के लिए संसद में उठाई आवाज

Cg24 आजतक

बुधवार को देश के लोकसभा सदन में बस्तर संभाग में रेल सुविधा के विस्तारीकरण को लेकर आवाज गूंजी। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी ने मुखरता से अपनी बात सदन में रखी।सांसद मोहन मंडावी ने धमतरी से जगदलपुर व्हाया कांकेर रेलमार्ग के विस्तारीकरण की मांग रखते हुवे संसद में बताया की छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सड़कमार्ग ही आवागमन का प्रमुख साधन है। पर रेल सुविधाओं की उपर्युक्त सुविधा ना मिल पाने की वजह से जो सर्वांगीण विकास बस्तर का होना था। वह अब तक नहीं हो पाया है।वर्तमान में रावघाट के लौह अयस्क खदानों से अयस्क परिवहन के लिए जगदलपुर से कोंडागांव होते हुवे रावघाट तक रेल मार्ग प्रस्तावित है। इसके लिए जगदलपुर से कोंडागांव तक भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है।रायपुर से धमतरी तक छोटी रेल लाइन को बड़ी रेल लाइन में उन्नयन का कार्य भी प्रगति पर है। वही जगदलपुर से 48 किलोमीटर की दूरी पर एन एम डी सी द्वारा नगरनार में स्टील प्लांट का निर्माण किया जा रहा है।जिसमें 2024 तक इस्पात उत्पादन का कार्य भी प्रारंभ हो जाएगा। इन सब नजरियों से नगरनार स्टील प्लांट से जगदलपुर कोंडागांव व्हाया कांकेर रायपुर रेलमार्ग का निर्माण की अत्यंत आवश्यकता महसूस होती है।ज्ञात हो कि 2017 में इस मार्ग के सर्वेक्षण का कार्य भी हो चुका है।परन्तु इस परियोजना को अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। सांसद ने बताया कि बस्तर संभाग को राजधानी रायपुर से जोड़ने के लिए कोंडागांव व्हाया कांकेर से धमतरी की शेष दूरी 120 किलोमीटर रह जाती है।चूंकि यह क्षेत्र अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है। व बस्तर क्षेत्रवासियों के जीवनस्तर को उपर उठाने व इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को साकार करने हेतु धमतरी से व्हाया कांकेर कोंडागांव जगदलपुर तक रेल लाइन का विस्तार कर बस्तर संभाग के अनुसूचित जनजाति के लोगों को सीधे राजधानी से रायपुर से जोड़कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद की सोच को साकार करते हुवे बस्तर व बस्तर संभाग वासीयों के विकास के लिए यह परियोजना संजीवनी साबित हो सकती है।

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