
सी जी 24 आज तक बालोद
राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत छात्रों ने महिलाओं के महावारी स्वच्छता प्रबंधन हेतु कई विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं फिर भी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के नतीजे द्वारा संपूर्ण भारत में 12% महिला ही महावारी के समय सेनेटरी पैड का उपयोग कर पाती है, एवं भारत में 23% छात्राएं महावारी शुरू होते ही अपने स्कूली शिक्षा छोड़ने पर मजबूर हो जाती हैं। तथा महावारी के समय स्वच्छता अनेकों महिलाओं के सर्वाइकल कैंसर से लेकर मृत्यु तक का कारण बन जाती है जिसमें खून के बड़े-बड़े थक्के तथा बच्चेदानी में सूजन , पेट दर्द आदि कई समस्याओं से महिलाओं को जूझना पड़ता है। ऐसे में हमारे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा एक पहल की गई है जिसमें स्कूली छात्राओं को तथा ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चियों को एक जगह एकत्रित कर उनसे मिलकर चर्चा करके उन्हें जागरुक करने का कार्य कर रहे हैं इसमें जानकारी दी जा रही है की माहवारी के समय सेनेटरी पैड का उपयोग करने के क्या क्या लाभ है इसके साथ ही कोविड-19 जैसे वैश्विक महामारी से बचाव हेतु क्या सावधानी बरतनी चाहिए इसके लिए सभी को जागरूक कर रहे हैं तथा मासिक स्त्राव जैसी कुदरती घटना को छुआछूत ना समझ कर समाज के लोगों के द्वारा स्वीकार्यता दिलाने की जागरूकता के द्वारा कोशिश की जा रही है जिसमें शासकीय एकलव्य महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों में मनीषा राणा ,अंजलि साहू ,निशा ,मनीषा निषाद ,श्वेता साहू ,भूपेश कुमार, चक्रेश्वरी ,प्रीति ठाकुर लोमेश का विशिष्ट योगदान रहा
इनके द्वारा नरा भी लगाया जा रहा है
नारी को जब दोगे मान, तब होगा जग का कल्याण
महिला स्वास्थ्य हकदारी ,पुरुषों की भी जिम्मेदारी
CG24 aajtak news Balram Gupta 9893932904