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कुर्सी में बैठे लोगों का ” कुर्सी प्रेम ” गुंडरदेही नगर पंचायत में इन दिनों चर्चा का विषय आखिर क्या खेल है। कुर्सी का देखे ,,,,

नगर पंचायत में जिम्मेदार पार्षदों के पास वार्ड के अंदर कार्य करने ,समस्याओं के हल करने कई अन्य मुद्दे पर पर “मन तो कुर्सी प्रेम में अटका “

गुंडरदेही cg24 आजतक

पार्षद निधि से कुर्सी सप्लाई को लेकर कुर्सी सप्लायर और इंजीनियर की चर्चा जोरों पर वही नगर के कई वार्डों में रखी कुर्सी गायब।

गुंडरदेही cg 24 आज तक न्यूज़ रिपोर्टर परस साहू :- गुंडरदेही नगर पंचायत का भले ही 15 वार्ड में उनकी सीमाएं हैं ।और नगर की जनसंख्या 2011 के अनुसार लगभग 8000 है। पर नगर पंचायत में पार्षद अपने निधि का उपयोग कुर्सी खरीदी करने में अधिकतर जगह करते है। यहां पूर्व में लगभग 2016 /17 से पार्षद निधि से हुई कुर्सी सप्लाई को लेकर बड़ी जन चर्चा अभी तक बना हुआ है । व वर्तमान में फिर से कुर्सी खरीदी का खेल तो नही खेला जा रहा

” निकाय में सिर्फ गुंडरदेही निकाय ही नही वरन जिले के अंदर के कई पालिका व नगर पंचायतो में यह कुर्सी का खेल खेला गया व अभी भी जारी है। आखिर कुछ तो माजरा है। इस कुर्सी के खेल खरीदी में की पार्षद स्वयं कुर्सी में बैठकर मतदाताओं को भी कुर्सी में बिठाने इसकी खरीदी करते है। “

नगर के सभी पार्षद यदि अपनी पार्षद निधि का उपयोग नगर के जनहित के कार्य जैसे पेयजल व्यवस्था में करते तो आमजन को पीने के पानी की समस्या से निजात मिल जाता नदी मैं बोर करा कर पाइपलाइन के माध्यम से नगर में पानी पहुंचाया जा सकता है।

एक तरफ नगर में पानी की समस्या है दूसरी ओर नगर के पार्षद कुर्सी सप्लाई करने में मस्त है। नगर पंचायत में अधिकांश सफ्लाई 2016 के बाद से कुर्सी की जो हुआ है। वह ध्वस्त और भूमिगत हो गए हैं। वहीं अधिकांश पार्षद के द्वारा सप्लाई किया गया कुर्सी नगर पंचायत कार्यालय के पीछे कूड़ा करकट में टूट-फूट होकर फेंक दिए गए हैं। गौर करने की बात तो यह भी है। कि सभी वार्ड में यही स्थिति है। पार्षद दावे के साथ यह भी नहीं कह सकते अपने वार्ड में सप्लाई किया गया कुर्सी आज भी जनमानस को सुविधा दे रहा है।

कुर्सी खरीदी में आखिर इतनी गुंडरदेही

पार्षद निधि की कुर्सी सप्लाई को लेकर कुर्सी सप्लायर और इंजीनियर का चर्चा जोरों पर चल रहा है। नगर के कई वार्डों से कुर्सी गायब।

गुंडरदेही cg 24 आज तक न्यूज़ रिपोर्टर परस साहू नगर पंचायत भले ही 15 वार्ड में उनकी सीमाएं हैं और नगर की जनसंख्या 2011 के अनुसार लगभग 8000 है पर नगर के पार्षद अपने निधि का उपयोग में बड़ा भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है नगर पंचायत में पार्षद अपने निधि को उपयोग कुर्सी खरीदी करने में होता है वैसे तो लगभग 2016 17 से पार्षद निधि को कुर्सी सप्लाई को लेकर बड़ी जन चर्चा बना हुआ है ।

नगर के सभी पार्षद यदि अपना निधि का उपयोग नगर के जनहित जैसे पेयजल व्यवस्था में किया जाए नदी मैं बोर करा कर पाइपलाइन के माध्यम से नगर में पानी पहुंचाया जा सकता है तो नगर की पेयजल संकट दूर हो जाएगा।

एक तरफ नगर में पानी की समस्या है दूसरी ओर नगर की पार्षद कुर्सी सप्लाई करने में मस्त है नगर के अधिकांश 2016 के बाद से कुर्सी की जो सप्लाई हुआ है वह ध्वस्त और भूमिगत हो गए हैं वहीं अधिकांश पार्षद के द्वारा सप्लाई किया गया कुर्सी नगर पंचायत कार्यालय के पीछे कूड़ा करकट में टूट-फूट होकर फेंक दिए गए हैं सभी वार्ड में यही स्थिति है पार्षद दावे के साथ यह भी नहीं कह सकते अपने वार्ड में सप्लाई किया गया कुर्सी आज भी सबूत के रूप में जनमानस को सुविधा दे रहा होगा।

मार्केट में उस कुर्सी का कीमत मात्र 5 हजार रुपया में आम लोगों को मिल जाता है जब सरकारी खरीदी होता है तो खुशी की कीमत 10 से 15 हजार हो जाता है

क्यों खरीदते कुर्सी इस पर जाने कुर्सी इसलिए खरीदते हैं कि कुर्सी जो मार्केट में 5 हजार रुपया है उसका 10 हजार रुपया से ज्यादा का बिल बन कर नगर पंचायत में राशि का आहरण होता है अगर कोई सामाजिक कार्यकर्ता है तो सूचना का अधिकार के तहत पार्षद निधि का विकास कार्य के बारे में जानकारी ले सकता है वैसे तो नगर में पार्षद निधि की सप्लाई के संबंध में कई बार ध्यानाकर्षण करवाया गया फिर भी जिम्मेदार के द्वारा कोई जांच नहीं की गई वैसे तो करो ना काल में भी पार्षद निधि के लिए जरूरतमंदों को राशन सप्लाई किया था फिर भी किसी गरीब को दाल में कंकड़ युक्त दाल मिला था तो स्वयं जिम्मेदार सोयाबीन तेल खाकर हितग्राहियों को राइस ब्रान तेल खिलाया गया है यदि उस समय चर्चा का विषय था पर संकट के समय कोरोना काल होने के कारण लोग जैसे भी सुविधा से शासन का लाभ लेना चाह रहे थे पर कुर्सी सप्लाई के नाम में हो रहे भ्रष्टाचार पर कब लगेगी विराम ।

आखिर जगह-जगह कुर्सी टूटा हुआ पड़ा है कुर्सी सप्लाई के नाम पर सप्लायर और पार्षद की मिलीभगत से यह स्थिति पैदा होता है कि सरकार की राशि का दुरुपयोग होता है यदि नगर में सभी पार्षद एवं एल्डरमैन मिलकर कोई बड़ा प्रोजेक्ट शहर में लाया जाए तो निश्चित रूप से आने वाले समय तक आने वाले पीढ़ी उस विकास कार्य को याद कर सके ऐसे इनके पास कार्य योजना बनाने वालों को आगे की विकास की रूपरेखा तैयार करने कोई जानकार व्यक्ति नहीं होने के कारण नगर में राज्य शासन की राशि का दुरुपयोग हो रहा है वैसे तो नगर पंचायत में मंच संचालन के लिए भाजपा कांग्रेश से बड़े-बड़े नेता नगर पंचायत में अपना संगठन में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं पर इन लोगों को भी नगर विकास के लिए कोई बड़ी योजना बनाने राज्य शासन के पास कोई प्रस्ताव नहीं पूरे 5 साल नाली और सीमेंट करण कराने बीत गया, सीसी रोड के ऊपर सीसी रोड बनाने का भी मामला समाचार प्रमुखता से किया गया था पूर्व में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय कभी भ्रष्टाचार को उजागर अखबारों के माध्यम से हुआ था पर अब तक कोई जांच नहीं हुई कई अवैध प्लाटिंग है जहां पर पार्षद निधि के द्वारा वहां पर विद्युत पोल लगाया गया है जबकि प्लाटिंग के समय उस वार्ड के लोगों को वोट मांगने गए थे पार्षद इसलिए वहां पर लाइट लगा दिया गया है जबकि वह प्लाट अवैध है यह भी एक जांच का विषय है।

इस पूरे मामले को लेकर नगर पंचायत से सीएमओ जय करुणाकरण देव ने कहा मेरे को अभी 1 साल भी नहीं हुआ है पार्षद की मांग के अनुरूप कुर्सी की खरीदी होगी और पहले का कुर्सी के उपयोग कैसा हुआ इस संबंध में नहीं कुछ बता सकता।

अब देखना होगा कि चालू सत्र में कुल कितने पार्षद अपने निधि का कुर्सी खरीदी में अपने राशि का उपयोग करते हैं या नगर के और भी अन्य विकास कार्यों के लिए अपने निधि का उपयोग करता है।

बड़ा विवादित व चर्चित इंजीनियर इस नगर पंचायत में पदस्थ हो गया है जाने उस इंजीनियर के बारे में कौन है वह

गुंडरदेही नगर पंचायत इंजीनियर के और बर्मन जब डौंडी नगर पंचायत में पदस्थ था तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी राहुल गांधी पर बड़ा टिप्पणी कर देने से कांग्रेसी उग्र आंदोलन कर दिया था जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उन्हें इंजीनियर पद से हटा दिया था ,अब उसके बाद से वह इंजीनियर नगर पंचायत गुंडरदेही में पदस्थ हो गया कार्यालय समय में वह अपना कार्यालय में उपस्थित नहीं रहता बल्कि अपने निजी कार में शासकीय डीजल पेट्रोल दालाने का भी चर्चा गुपचुप तरीके से चल रहा था कुछ पार्षद दबी जुबान से भी कह रहे थे इस की कार्यशैली को देखकर कई पार्षद नाराज है। जांच नहीं की गई वैसे तो करोना काल में भी पार्षद निधि के लिए जरूरतमंदों को राशन सप्लाई किया था उसमे किसी गरीब को दाल में कंकड़ युक्त दाल मिला था जिस कार्य मे भी लापरवाही हुई थी।

आखिर जगह-जगह कुर्सी टूटा हुआ पड़ा है कुर्सी सप्लाई के नाम पर सप्लायर और पार्षद की मिलीभगत से यह स्थिति पैदा होता है ।कि सरकार की राशि का दुरुपयोग होता है यदि नगर में सभी पार्षद एवं एल्डरमैन मिलकर अपनी निधि से कोई बड़ा योजना शहर में लाते तो निश्चित रूप से आने वाले समय तक आने वाले पीढ़ी उस विकास कार्य को याद करते नगर में राज्य शासन की राशि का दुरुपयोग हो रहा है वैसे तो नगर पंचायत में मंच संचालन के लिए भाजपा कांग्रेश से बड़े-बड़े नेता नगर पंचायत में अपना संगठन में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पर इन लोगों को भी नगर विकास के लिए कोई बड़ी योजना बनाने राज्य शासन के पास कोई प्रस्ताव नहीं पूरे 5 साल नाली और सीमेंटकरण कराने में बीत गया, सीसी रोड के ऊपर सीसी रोड बनाने का भी मामला समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था पूर्व में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय का भी भ्रष्टाचार उजागर अखबारों के माध्यम से हुआ था पर अब तक कोई जांच नहीं हुई कई अवैध प्लाटिंग है। जहां पर पार्षद निधि के द्वारा वहां पर विद्युत पोल लगाया गया है। गया है जबकि वह प्लाट भूमि अवैध है यह भी एक जांच का विषय है।

इस पूरे मामले को लेकर नगर पंचायत से सीएमओ जय करुणाकरण देव ने कहा मेरे को अभी 1 साल भी नहीं हुआ है पार्षद की मांग के अनुरूप कुर्सी की खरीदी करनी होगी और पहले की कुर्सी का उपयोग कैसा हुआ इस संबंध में कुछ नही बता सकता।

अब देखना होगा कि वर्तमान सत्र में निकाय के कितने पार्षद अपने निधि का उपयोग फिर से कुर्सी खरीदी में अपने राशि का उपयोग करते हैं। या नगर के और भी अन्य विकास कार्यों के लिए अपने निधि का उपयोग के लिए पहल करते है।

बड़ा विवादित व चर्चित इंजीनियर इस नगर पंचायत में पदस्थ जाने इस इंजीनियर के बारे में कौन है वह :- गुंडरदेही नगर पंचायत इंजीनियर के आर बर्मन जब डौंडी नगर पंचायत में पदस्थ था तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी राहुल गांधी पर बड़ा टिप्पणी कर देने के चलते कांग्रेसीयो ने उग्र आंदोलन किया था जिसके बाद जिला प्रशासन ने उन्हें वहां से हटा दिया था ,अब उसके बाद से वह इंजीनियर नगर पंचायत गुंडरदेही में पदस्थ हो गया कार्यालय समय में वह अपना कार्यालय में उपस्थित नहीं रहना, अपने निजी कार में शासकीय डीजल पेट्रोल डलवाने की भी बात कुछ लोग जनचर्चा में कह रहे है। इस इंजीनियर की कार्यशैली के कारण कई पार्षद नाराज बताए जा रहे है।

” जिम्मेदार अधिकारी मेरे समय का नही,पूर्व की खरीदी या इस मामले को दिखवाता हूं। करके अपना पल्ला जायज बातो व मुद्दों से झाड़ लेते है। पर राशि का दुरुपयोग रोकने में वो भी असमर्थ है। क्योंकि प्रस्ताव सामने आ रहा।”

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