छत्तीसगढ़ के राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने संसद के उच्च सदन यानि राज्यसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा उठाया। सांसद नेताम ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार PM आवास के प्रति गंभीर नहीं है। दो साल के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने 799867 भवनों की स्वीकृति दी थी, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार 1 लाख 20 हजार भवनों का ही निर्माण कर रही है। लाखों परिवार केंद्र सरकार की इस योजना से वंचित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में PMAY योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम का लाभ शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्र में रहने वाले लोगों को होता है। इसमें कम आमदनी वाले लोगों को गांवों में अपना मकान बनवाने के लिए सहायता मिलती है। इसके अलावा बैंक से होम लोन लेने पर सरकार की ओर से लाभार्थी को ब्याज दरों में सब्सिडी भी मिलती है।
कितनी मदद देती है सरकार
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सरकार लाभार्थी को आर्थिक मदद भी प्रदान करती है। इसके तहत मैदानी इलाकों में मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की मदद मिलती है। यदि कोई गरीब पूर्वोत्तर के राज्यों में रहता है या फिर पहाड़ी राज्यों रहता है या फिर दुर्गम इलाकों में रहता है तो उनके लिए अधिकतम राशि की सीमा 1.30 लाख रुपये है।
ब्याज में सब्सिडी
PMAY के तहत निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को होम लोन पर ब्याज में सब्सिडी भी दी जाती है। यहां जरूरी है कि लाभार्थी का यह पहला मकान हो। यदि कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना के मानदंडों के तहत मकान बनवाता या खरीदता है तो होम लोन के ब्याज पर सरकार द्वारा 2.67 लाख रुपये तक की इंटरेस्ट सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है।
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