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विवाह, अंत्येष्टि, दशगात्र अथवा उससे संबंधित कार्यक्रम में शर्त के अधीन अधिकतम पचास व्यक्तियों को ही शामिल होने की होगी अनुमति होली मिलन या अन्य किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं सभी पर्यटन स्थलों में आम जनता का प्रवेश आगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया आदेश


बालोद आजतक न्यूज


कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन के अनुसार कोरोना वायरस(कोविड-19) नियंत्रण के संबंध में पूर्व में लागू अधिकांश प्रतिबंधों में समय-समय पर सशर्त छूट प्रदान की गई थी। उपरोक्त आंशिक प्रतिबंधो की समीक्षा की गई, जिसमें वर्तमान में कोरोना वायरस पाॅजिटिव प्रकरणों संख्या में लगातार वृद्धि होने के फलस्वरूप तथा जिला प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर पूर्व में अधिरोपित प्रतिबंधों/शर्तो का कड़ाई से पालन कराना एवं परिस्थिति अनुरूप युक्तियुक्त प्रतिबंध अधिरोपित किया जाना आवश्यक हो गया है। दण्ड प्रक्रिया सहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30, 34 सहपठित एपिडेमिक एक्ट, 1987 यथा संसोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित आदेश प्रसारित किया गया है – होली मिलन या अन्य किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति अगामी आदेश पर्यन्त नहीं होगी। होलिका दहन के दौरान सैनेटाईजर, फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का उपयोग करने की शर्त का कड़ाई से पालन करते हुए अधिकतम पांच व्यक्ति उपस्थित रह सकेंगे। जिला बालोद अन्तर्गत सभी पर्यटन स्थलों में आम जनता का प्रवेश आगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक स्थलों में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा। उल्लंघन की दशा में राज्य शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित अर्थदण्ड अधिरोपित किया जा सकेगा। अर्थदण्ड देने से इंकार करने पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। समस्त प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहार, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक, खेलकूल, मेला, समारोह अथवा अन्य किसी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक स्थल केवल व्यक्तिगत पूजा के लिए खुले रहेंगें। व्यक्तिगत/एकल रूप से धार्मिक स्थल/संस्थान में प्रवेश किया जा सकेगा, परन्तु किसी प्रकार का सामूहिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा।
जारी आदेश के अनुसार विवाह/अंत्येष्टि/दशगात्र अथवा उससे संबंधित आवश्यक कार्यक्रम में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क का कड़ाई से उपयोग की शर्त के अधीन अधिकतम पचास व्यक्तियों को ही शामिल होने की अनुमति होगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों को समय-समय पर हाथ धोना/सैनेटाईज करना अनिवार्य होगा तथा कार्यक्रम के लिए नियमानुसार जिला दण्डाधिकारी/अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी अथवा अनुविभागीय दण्डाधिकारियों से लिखित अनुमति प्राप्त करना होगा। समस्त प्रकार के सभा, धरना, रैली, जुलुस अथवा सार्वजनिक प्रदर्शन अगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित रहेंगें। दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों में क्रमशः दो एवं चार व्यक्ति ही बैठ सकेंगे। डी.जे., नगाड़ा अथवा अन्य समस्त प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपायोग आगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार अन्य राज्यों से हवाई यात्रा, रेल अथवा सड़क मार्ग से जिले में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों को सात दिवस होम क्वारंटाईन में रहना अनिवार्य होगा। सार्वजनकि स्थलों, सिनेमा हाॅल एवं माॅल्स में आने-जाने वालों की दैनिक जांच की जाएगी एवं कोविड गाईडलाईन का पालन कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खाॅसी, बुखार, साॅस लेने में तकलीफ, स्वाद या गंध महसुस नहीं होना, दस्त, उल्टी या शरीर में दर्द की शिकायत हो, तो निकटम केन्द्र में कोविड-19 जांच कराना तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक होम क्वारंटाईन रहना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट पाॅजिटिव होने तथा होम आईसोलेशन हेतु अनुमति प्रदान किए जाने पर अनुमति की शर्तो का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। यदि किसी क्षेत्र में कोविड-19 पाॅजिटिव मरीजों की सघनता पायी जाती है तो उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा तथा उक्त क्षेत्र के सभी व्यक्तियों को कंटेनमेंट जोन संबंधी समस्त दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस आदेश द्वारा दी गई सशर्त अनुमति को छोड़कर सार्वजनिक स्थलों में पांच से अधिक व्यक्तियों का एकत्रित होना आगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना वायरस निगरानी, जांच, निरीक्षण दल द्वारा भौतिक परीक्षण, संगरोध और इलाज से संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों को यदि कोई भी व्यक्ति सहयोग देने से इंकार करता है अथवा वांछित जानकारी देने से इंकार करता है या निगरानी दल के निर्देशों का पालन नहीं करता है अथवा इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो वह व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 270 सहपठित एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट, 1897 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अधीन दण्ड का भागी होगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा है कि यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

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