डोंगरगढ़ – छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ने शिक्षकों की ड्यूटी चेक पोस्ट बागनदी और बोरतलाब में लगाने पर कड़ा एतराज जाहिर किया है. ज्ञात हो कि कोविड -19 के नियंत्रण एवं रोकथाम की दृष्टि से अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगढ़ द्वारा शिक्षकों की ड्यूटी बागनदी और बोरतलाब बार्डर में लगाई गई है. डोंगरगढ़ फेडरेशन ने इस पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है कि बिना सुरक्षा और बिना बीमा के शिक्षकों की ड्यूटी लगाना सरासर गलत है. क्योंकि शिक्षकों की ड्यूटी तो सहजता से लगा दी जा रही है परन्तु प्रथम पंक्ति का कोरोना वारियर्स का दर्जा प्रदान नहीं किया गया है. इससे मृत्यु हो जाने पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की तरह 50 लाख रुपए का बीमा के लाभ से परिवार को वंचित होना पड़ता है. इस संबंध में फेडरेशन ने 9 अप्रैल को अनुविभागीय अधिकारी और विकासखंड़ शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर शिक्षकों को तत्काल बागनदी और बोरतलाब चेक पोस्ट से मुक्त करने की मांग की है. यह शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भी घोर उपेक्षा है कि शिक्षकों की ड्यूटी गैर शैक्षणिक कार्य में बार बार लगा दिया जाता है. जबकि कोरोना काल में भी शिक्षक वर्ग विभिन्न शैक्षणिक दायित्वों जैसे सूखा राशन वितरण, आन लाईन पढ़ाई, मोहल्ला क्लास, विभिन्न आन लाईन प्रशिक्षण, लक्ष्य भेद प्रशिक्षण, सीजी स्कूल डाट इन से बच्चों का मूल्यांकन ,निष्ठा प्रशिक्षण, बच्चों की जाति प्रमाण पत्र बनाने सहित डाक कार्यों के दायित्व को बखूबी निर्वहन कर रहे हैं. इसके बावजूद शिक्षकों को खाली समझ कर और अधिकाशत :सहायक शिक्षकों की ड्यूटी ही ज्यादा संख्या में लगाए जाने पर घोर आपत्ति की है. फेडरेशन के ब्लाक अध्यक्ष हीरा लाल मौर्य, संयोजक ओमप्रकाश साहू, वरिष्ठ साथी चन्द्रशेखर विजयवार, मीडिया प्रभारी अमिताभ दुफारे, महिला मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मी देवांगन, हेमलता पटेल, मीनाक्षी हुमने, शैल शर्मा, कचरा मंडावी, चित्रा सोनवानी, श्वेता श्रीवास्तव, प्रभा श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष राजेश देवांगन एवं पुनीत राम साहू, सचिव मनोज कुमार मेश्राम,प्रवक्ता अमृत दास साहू, कोषाध्यक्ष इन्द्रजीत मंडलोई, सह सचिव देवेन्द्र कुमार खोब्रागड़े, संगठन सचिव बंदीश नेमपाण्डे, मीडिया प्रभारी ललित प्रताप सिंह, सह मीडिया प्रभारी रितु राज साहू, हिलेश्वर वर्मा, चारभांठा संकुल अध्यक्ष कुलदीप राजेनकर, मुकेश कांडे, नीरज सिंह राजपूत, मनीष बडोले, चेतन सिन्हा, मुकेश देवांगन, रणजीत धुर्वे, कृष्ण कुमार दुबे, दिलीप सिन्हा, हरीचन्द वर्मा, उमेश देशलहरा, महेश ठाकुर , डालेश्वर देवांगन, सुनीत देवांगन, नंद कुमार साहू एवं अन्य साथियों ने शिक्षकों की ड्यूटी बागनदी और बोरतलाब चेक पोस्ट में लगाने का विरोध करते हुए शीघ्र ही वहां से मुक्त करने की मांग की है. फेडरेशन का कहना है कि बिना सुरक्षा एवं बिना बीमा जोखिम दिए ही शिक्षकों की ड्यूटी लगाना शिक्षकों एवं उनके परिवार के हितों के प्रति घोर नाइंसाफी है. और ऊपर से ड्यूटी में सहायक शिक्षकों को ही ज्यादा संख्या में लगाने की फेडरेशन ने घोर निंदा की है. फेडरेशन ने एसडीएम एवं बीईओ को सौंपे ज्ञापन में विशेष रुप से जोर दिया है कि सरकार को चाहिए कि शिक्षकों एवं उनके परिवार के हितों की रक्षा करते हुए सर्वप्रथम शिक्षकों को प्रथम पंक्ति का कोरोना वारियर्स का दर्जा प्रदान करें ताकि किसी शिक्षक की मृत्यु हो जाने पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की तरह 50 लाख रुपए बीमा का लाभ उनके परिवार को मिल सकें. साथ ही अनुकंपा नियुक्ति में शिथिलता बरतने की पुरजोर मांग की है. फेडरेशन का कहना है कि शिक्षक हर कार्य को बखूबी निर्वहन करते हैं लेकिन सरकार द्वारा उनके एवं उनके परिवार के हितों की अनदेखी की जाती है. इसलिए फेडरेशन ने शिक्षकों की ड्यूटी का विरोध किया है।

CG24 aajtak news Balram Gupta 9893932904