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कोरोना से माता-पिता खो देने वाले बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी छत्तीसगढ़ सरकार, साथ में देगी छात्रवृृृत्ति भी

छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना कोविड से अनाथ हुए बच्चों को देगी संरक्षण

ऐसे बच्चे जिनके परिवार में कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो गई है, उनकी पढ़ाई का जिम्मा भी उठाएगी राज्य सरकार

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश में मिलेगी ऐसे बच्चों को  प्राथमिकता ; नही ली जाएगी उनसे कोई फीस

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल से बेसहारा बच्चों का संवरेगा बेहतर भविष्य

      रायपुर cg24 आजतक न्यूज

 कोविड के खिलाफ लड़ाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है जो कोविड पीड़ितों के कुछ आंसू पोंछ सकेगा।कोविड के निर्मम प्रहार के चलते जिन बच्चों का सब कुछ छीन गया है, अब छत्तीसगढ़ सरकार उनका संबल बनने जा रही है,और न केवल उनकी शिक्षा का दायित्व उठायेगी बल्कि उनके भविष्य को संवारने की हर संभव कोशिश भी करेगी। सरकार की इस संवेदनशील पहल को अमली जामा पहनाया जाएगा छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना के माध्यम से। यह योजना इस वित्तीय वर्ष से लागू की जाएगी। 

    ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता कोइस वित्तीय वर्ष के दौरान कोरोना के कारण खो दिया है, उन की पढ़ाई का पूरा खर्च अब छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी। साथ ही पहली से आठवीं तक के ऐसे बच्चों को 500 रुपयेप्रतिमाह और 9 वीं से 12 वीं तक के बच्चों को 1000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति भी राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। शासकीय अथवा प्राईवेट किसी भी स्कूल में पढ़ाई करने पर ये बच्चे इस छात्रवत्ति के लिये पात्र होंगे। 

     इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है ऐसे बच्चे जिनके परिवार में रोजी-रोटी कमाने वाले मुख्य सदस्य की मृत्यु कोरोना से हो गई है, तो उन बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि ये बच्चे राज्य में प्रारंभ किए गए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश हेतु आवेदन देते हैं तो उन्हें प्राथमिकता से प्रवेश दिया जायेगा और उनसे किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जायेगी।

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