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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घोषणा के बावजूद बालोद जिले में आरटीपीसीआर जांच केंद्र आज तक नहीं खुला :- राजेश दसोड़े

cg24 आजतक न्यूज

बालोद – कोविड 19 स्टेज 2 में लगातार मृत्यु दर बढ़ने का कारण कहीं न कहीं आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में हुई देरी भी रही है चूँकि एंटीजन रिपोर्ट विश्वसनीयता पर पुर्णतः भरोसा नहीं किया जा सकता और इसके बावजूद आरटीपीसीआर टेस्ट किट की कमी के कारण एक एक सप्ताह तक रिपोर्ट के लिए इन्तेजार करते रहे | इस वजह से संक्रमण बढ़ जाने के कारण कोरोना संक्रमितों की मृत्यु एवं संक्रमण लगातार बढ़ा है | कांग्रेस सरकार द्वारा कोविद 19 के प्रथम चरण में नियंत्रण होने पर बहुत वाहवाही लुटी थी किन्तु दुसरे चरण में अपनी नाकामियों को छुपाने में असमर्थ रही | वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण में टीकाकरण की सुस्त व्यवस्था एवं तीसरे चरण का भय में सरकार की सुस्त रवैये के कारण छत्तीसगढ़ के आम नागरिक के मन में भय का वातावरण निर्मित हो गया है | प्राथमिकता के आधार पर जिला अस्पतालों में न ही ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है और न ही आरटीपीसीआर जांच केंद्र खोला गया है | टीकाकरण की ऑनलाइन व्यवस्था भी ठप्प है किन्तु ऑनलाइन शराब बिक्री की ऑनलाइन डिलीवरी युद्ध स्तर पर चल रही है |
जुमलेबाज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बालोद जिले के लोगों के लिए भी आरटीपीसीआर जांच केंद्र खोला जाना भी एक जुमला ही बनकर रह जायेगा लगता है | जिसे लेकर जिले के कांग्रेस जनों द्वारा खूब प्रचार प्रसार कर वाहवाही लुटी थी | मुख्यमंत्री द्वारा किये गए उद्घोषणा को लेकर 1 महीने से अधिक हो गया किन्तु अब तक जांच केंद्र नहीं खुला | आज भी आरटीपीसीआर जांच के लिए बालोद जिले के लोगों को राजनादगांव या रायपुर पर निर्भर रहना पड़ रहा है इस कारण आज भी हम कोरोना की वास्तविक स्थिति को जानने में सक्षम नहीं है | हम सब जानते है कि कोरोना आज की स्थिति में कितना संवेदनशील है वह भी विषम परिस्थितिओं में इस प्रकार के निर्णय को टालना कहाँ तक उचित है | इस प्रकार जिले के कांग्रेस नेताओं द्वारा चुप्पी साधे रहना उनकी निष्क्रियता को दर्शाता है |

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