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अन्याय के खिलाफ कब मिलेगा न्याय छत्तीसगढ़ वासियों को बताए सरकार :- आप पार्टी

cg24 आजतक न्यूज

पुलिस की बर्बरता के खिलाफ कब जागेगी भूपेश सरकार

सरकार के ईमानदार अफसरों को कब तक मजबूर होकर आत्महत्या करना पड़ेगा

बालोद:-आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम चन्द्रकर ने कांग्रेस सरकार व भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए तीखे शब्दो में कहा कि बीजापुर जिले के सिलगेर में ग्रामीणों के ऊपर हुई गोलीबारी की उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग लगातार हो रही है लेकिन भूपेश सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
बीजापुर जिले के सिलगेर गांव में स्थानीय ग्रामीण आदिवासियों द्वारा पुलिस कैम्प खोलने का विरोध किया जा रहा था,जिनके ऊपर पुलिस की गोलीबारी से तीन लोगों की मौत हो गई।दो दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल हो गए।
नक्सली उन्मूलन के नाम पर बस्तर में आदिवासियों को लगातार इसी तरह परेशान किया जा रहा है।कई बहनों की सुहाग उजड़ जाती है,कई माताओं को अपना बेटा खोना पड़ता है। बस्तर में लागू पांचवीं अनुसूची व पेसा कानून का सरकार लगातार उल्लंघन कर रही है।
गोलीबारी मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही तथा मृतकों के परिजनों को ₹10000000(एक करोड़) व घायलों के परिजनों को ₹5000000(पचास लाख)मुआवजा देने के लिए सरकार को उचित कदम उठाना चाहिए।

बस्तर क्षेत्र में जहाँ भी पुलिस या सैन्य बल का कैम्प बनाया जाता है वहाँ स्थानीय निवासियों द्वारा विरोध किए जाने पर उन्हें शासन/प्रशासन द्वारा सीधे सीधे नक्सली समर्थक करार कर दिया जाता है और इसी दृष्टि से उनसे निपटा जाता है।कोई भी यह जानने की कोशिश नहीँ करते कि आखिर लोग पुलिस/सुरक्षा बलों के कैम्पों का विरोध क्यों करते हैं।

हकीकत यह है कि जहाँ जहाँ इस तरह के कैम्प हैं वहाँ वहाँ कैम्प के जवानों द्वारा स्थानीय लोगों के साथ आर्थिक शोषण एवम युवा आदिवासी बालाओं को यौन शोषण के लिए मजबूर करने की कोशिश की जाती है।

अतः जिन जिन स्थानों पर पुलिस/सुरक्षा बलों के कैम्प चल रहे हैं उन जगहों पर कैम्प के जवानों के स्थानीय लोगों से व्यवहार की जाँच के लिए भी उच्चस्तर की कमेटी बनाई जानी चाहिए।

घनश्याम चन्द्रकर ने यह भी जानकारी दी कि मृत आरक्षक के परिवार से आम आदमी पार्टी के 1 प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की है , मुलाकात के दौरान मृतक के पिता सीताराम और भाई जगदीप सिंह ने खुलकर आरोप लगाया कि चूँकि पुष्पराज ने विगत 1 पुलिस परिवार आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी इसके अलावा वे डिपार्टमेंट के अंदर भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहते थे । जिससे परेशान होकर वर्तमान एस पी, थाना प्रभारी सक्ति और SDO(P) ने पुष्पराज की हत्या का षड्यंत्र रचा।

मृतक परिजनों का कहना है कि वे पहले भी सोशल मीडिया में अपनी हत्या की आशंका जताते रहे हैं और हाल ही में वे पुलिस डिपार्टमेंट के बड़े भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले थे।मृत्यु के एक दिन पहले भी वे परिवार से अपनी हत्या की आशंका जता चुके थे।
जो भी जानकारी पुष्पराज के बारे में मिल रही है उससे यह स्पष्ट होता है कि पुष्पराज न केवल ईमानदार,कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मचारी थे , बल्कि सामाजिक रूप से भी सजग और जिम्मेदार व्यक्ति थे जिन पर सारे डिपार्टमेंट को गर्व होना चाहिए।पर पुलिस डिपार्टमेंट उनके परिजनों के आरोपों को दरकिनार कर मामले की लीपापोती में लग गई है। घटना की न्यायिक जांच होगी और जिन पुलिस अधिकारियों पर मृतक के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं अब भी अपनी जगहों पर बने हुए हैं और न्यायिक जाँच भी उन्हीं के माध्यम से होना है तो इससे सच्चाई कैसे सामने आएगी?आम आदमी पार्टी यह मानती है कि अगर पुष्पराज की हत्या हुई है तो यह केवल एक पुलिस कर्मचारी की मौत नहीं है बल्कि यह ईमानदारी और सच्चाई की मौत है।
अतः आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री से मांग करती है कि अगर वे वास्तव में एक ईमानदार सरकार चला रहे हैं तो एक ईमानदार पुलिस कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की निष्पक्ष जांच हेतु पहले एस पी, थाना प्रभारी, SDO(P) को निलंबित करें और जाँच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर CBI जाँच की मांग करें। विदित हो कि मृतक के परिजन भी महामहिम राज्यपाल से CBI जाँच की मांग कर चुके हैं।

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को अब तक कर लेना था , पर अपने ही अधीन डिपार्टमेंट में व्याप्त भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने में उनकी असफलता एक तरह से भ्रष्टाचार का संरक्षण ही है । अतः आम आदमी पार्टी यह भी मांग करती है कि उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए।

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