सवाल जो उठ रहे :- क्या मजूदर आंदोलनों व मजदूर हितों के रक्षा व संघर्षों से उपजा छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा अब मजदूर संगठन के इतर अपना वजूद बचाने किसान संघ की आड़ ले रहा
सवाल :-लगातार विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के बड़े नेता जनकलाल ठाकुर मजदूर संगठन के नाम से चुनाव लड़ते रहे तो अब क्या किसान संयुक्त मोर्चा के तरफ से आगामी चुनाव लड़ेंगे ?
सवाल :- घटते कुनबे व मजदूरों को एक साथ वापस लाने छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा व जन मुक्ति मोर्चा का जुड़ाव एक साथ होगा ताकि मजदूर संगठन के साथ राजनीतिकी सत्ता प्राप्त कर फिर से क्षेत्र की सत्ता पर काबिज हो सके

बालोद/डौण्डीलोहारा cg24आजतक :- डौण्डी लोहारा विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े शहर जिसे पूरा देश प्रदेश लौह अयस्क नगरी के रूप में जानता है। जंहा भारी मात्रा में आयरन ओर की उपलब्धता व बीएसपी प्रबंधन के कार्यो के बीच क्षेत्र के हजारों मजदूरों के इसमे संलिप्तता व रोजगार से जुड़ाव के बीच मजदूर हित को लेकर एक मजबूत संगठन का निर्माण हुआ और इस संगठन के कर्ताधर्ता मुखिया बने मजदूरों के मसीहा स्व.शंकर गुहा नियोगी भिलाई स्टील प्लांट,राजनांदगांव बीएनसी मिल सहित कई छोटे बड़े कारखानों व दल्ली राजहरा खदानों के हजारों हजार मजदूरों की आवाज बने थे स्व.नियोगी व इसी के बीच एक संगठन तैयार हुआ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा जिसकी एक आवाज में मजदूरों के हित मे आंदोलनों में हजारों मजदूर भिलाई,दल्ली व अन्य शहरों में सड़क पर लड़ाई लड़ने उतर जाते थे ऐसा संगठन जंहा कई मजदूरों ने अपने हक के लिए जिंदगी बलिदान कर दिया शहीद हो गए आज वो ताकतवर मजदूर संगठन नए परिवेश ब बदलते आधुनिकीकरण व मशीनीकरण के चलते मजदूरों युवाओं के कारखानों ,खदानों से दूरी के चलते क्षेत्र में यह संगठन अपनी पहले जैसे ताकतवर स्थिति में नही दिखाई दे रहा स्व.शंकर गुहा नियोगी के बाद पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर इसकी कमान अपने हाथों में रखे हुए है। लेकिन अब पहले जैसे छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा नजर नही आ रहा।
मजदूरों के मसीहा छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के जनक स्व.शंकर गुहा नियोगी के विचार व आदर्शों पर खड़ा छतीसगढ़ मुक्ति मोर्चा हो या छत्तीसगढ़ श्रमिक संघ के आज भी काफी मानने वाले व जुड़े लोग क्षेत्र में है। लेकिन
मजदूरों के हितों को लेकर बना संगठन किसान हित के भरोसे क्षेत्र में खड़ा ? :-
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा संगठन जैसे बड़ा संगठन आज तक प्रदेश में कोई दूसरा नही बन पाया जिसमे दर्जनों शहादत देने वाले शहीद गांव गांव तक फैला मजदूरो की फौज लेकिन समय आगे बढ़ता गया और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा संगठन धीरे धीरे कुछ ग्रामीण इलाकों तक सीमित हो रहा है। अब मजदूरों को लेकर वो आंदोलन अब समय की बात बनकर रह गया है। अब छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के बड़े नेता हो या ग्रामीण सदस्य अब हरा गमछा के तले याने किसान संघ के बैनर तले ज्यादा सक्रिय नजर आते है।
कारखानों में मशीनीकरण घटते मजदूर से मोर्चा का कुनबा घटा :- आज से 25 वर्ष पूर्व के मजदूर संगठन की बात करे तो मोर्चा के एक आवाज में हजारों की फौज कई बड़े शहरो में खड़ी हो जाया करता था लेकिन कारखानों में मशीनों के उपयोग व मजदूरों की कमी के चलते आज पहले जैसे बात नही दिख रहा
किसानों के मुद्दों के बल पर मोर्चा नेता संगठन को थामे नजर आ रहे :- बालोद जिले के अंदर पहले व अब की राजनीतिक, समाजिक,व ग्रामीण परिवेश में बदलते वातावरण के चलते मजदूर संगठन राजनीतिक क्षेत्रो में उतार चढ़ाव के बीच पूर्व की भांति अपने संगठन की ताकत को आगे नही बड़ा पा रहे यही कारण है। कि अब मजदूरों के हित को पीछे छोड़ मुक्ति मोर्चा के आला नेता व कार्यकर्ता आज किसान हित की बात कर आंदोलन बैठक करते दिख रहे है।
कुनबे में बिखराव भी संगठन के कमजोर होने का बड़ा कारण :- स्व.शंकर गुहा नियोगी की विचार धारा को लेकर आगे बढ़ने वाली छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अंदर नेताओ में बिखराव व अलग अलग संगठन खड़े होने से भी एकजुटता में कमी आया वही नियोगी परिवार के कुछ सदस्यों के दूसरे राजनीतिक पार्टीयो में जाने से भी संगठन को काफी नुकसान पहुंचा ।
जनकलाल ठाकुर,बिहारी लाल ठाकुर, गेंदसिंह ठाकुर नवाब जिलानी,कुशल ठाकुर,सहित कई मजबूत मजदूर नेता आज भी मोर्चा के बैनर तले काम कर रहे है। व पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर लंबे समय से क्षेत्रीय मुद्दों पर लड़ाई लड़ते आ रहे है। पर क्षेत्र की राजनीतिक सत्ता पर काबिज होने के उनके प्रयास सफल नही हो पा रहे है।
” छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा का निर्माण ही मजदूर व किसानों के हितों की लड़ाई के लिए हुआ था जंहा लाल रंग मजदूरों के संघर्ष का प्रतीक है तो वही हरा रंग किसानों का बात आने वाले चुनावों की है तो अभी उसके लिए समय है। हम सब मिलकर आगे तय करेंगे कि किस बैनर से लड़े, छतीसगढ़ मुक्ति मोर्चा व जनमुक्ति मोर्चा एक ही परिवार के लोग है। कुछ वैचारिक मतभेदों के कारण दूरी बना है। आने वाले समय मे हमसब एक साथ ही किसान मजदूर के हित मे मिलकर काम करेंगे ।रही बात राजनीति की तो हम सत्ता प्राप्त करने में विश्वास नही करते हमारा उद्देश्य हमेशा जनहित का रहा है। जिसका माध्यम चुनाव है।” ( नवाब जिलानी युवा अध्यक्ष मुक्ति मोर्चा ) डौण्डी लोहारा ब्लाक जिला बालोद
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