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मांगे पूरी नहीं होने पर सर्व आदिवासी समाज ने किया चक्काजाम, आंदोलन में शहर की दुकाने भी रही बंद

गुण्डरदेही

सीजी 24 आजतक न्यूज रिपोर्टर परस साहू

अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने सोमवार को गुंडरदेही नगर के अर्जुन्दा चौक में चक्काजाम कर दिया। इसके साथ ही नगर की सीमा में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर आदिवासी समाज के लोग बैठ गए। दुपहिया वाहन सहित यात्री बसों को भी रोक दिया गया। इस बीच पुलिस प्रशासन द्वारा पल-पल की मॉनिटरिंग की गई। महाबंद के इस आयोजन में सर्व आदिवासी समाज ने शहर सहित ग्रामीण अंचलों में घूम-घूम कर दुकानों को बंद करवाया। सर्व आदिवासी समाज गुण्डरदेही द्वारा नगर के शहीद वीर नारायण सिंह अर्जुन्दा चौक में करीब 5 घण्टे तक चक्काजाम किया गया। एवं अपनी मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष थानसिंह मंडावी के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम गुण्डरदेही के तहसीलदार भारद्वाज एवम् अर्जुंदा के तहसीलदार ममता टावरी को ज्ञापन सौपा गया।

इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष थानसिंह मंडावी, पूर्व विधायक राजेन्द्र कुमार राय, पुरेंद्र चंद्रवंशी,केश कुमार कवर, कुंजेश्वर ठाकुर, सेवंट मंडावी,रवि राय, राजू ठाकुर, संतोष नेताम, रेख राम कोर्राम,ढालसिह मंडावी, चूड़ामणि कतलाम, रविन्द्र कवर, मदन ठाकुर,अशोक कवर, महेंद्र ठाकुर, गजाधर मंडावी, बिसे ठाकुर, ललित मरकाम, श्रीराम कतलम, अनिल नेताम, एवन ठाकुर, रूपराम मंडावी, शिव दयाल ठाकुर, मुकेश ठाकुर, रमेश ठाकुर,संतोष ठाकुर,सोहन ठाकुर, अंजू राम ठाकुर,स्वरूप ठाकुर, बलराम ठाकुर, तोरण ठाकुर,सुखु राम तारम, भीखम मंडावी, नारायण ठाकुर, नम्यू ठाकुर, जनक नेटी, डेलू राम ठाकुर, राजेन्द्र ठाकुर, पोषण ठाकुर, रघुनाथ ठाकुर, चेतन आनंद सहित समाज के लोग उपस्थित थे।

यात्री बसें हुई प्रभावित

बता दें कि गुंडरदेही सर्व आदिवासी समाज ने सुबह से ही झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्गों में चक्का जाम कर दिया। जिसके चलते सरकारी दफ्तरों में कार्य करने वाले कर्मचारी भटकते नजर आए। बस सेवाएं भी पूरी तरह प्रभावित रही। वहीं अन्य निजी कार्यों से मार्ग में चल रहे राहगीरों को हारकर वापस अपने घरों को लौटना पड़ा।

सर्व आदिवासी समाज की प्रमुख मांगे

छात्रवृति योजना में आदिवासियों के लिए आय सीमा में 2.50 लाख से समाप्त किया जावे।,बालोद जिला में झलियामारी कांड होने के बाद कन्या आदिवासी हास्टल में पुरुष कर्मचारियों को हटाकर महिला कर्मचारियों को पदस्थ किए गए थे लेकिन अभी वर्तमान में कन्या हास्टल में पुरुष कर्मचारी पदस्थ हैं उस तुरन्त हटाए जावे। आदिमजाति कल्याण विभाग जिला बालोद में सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थ माया वारियर को बालोद जिला से हटाकर दूसरे जिला में पदस्थ करे एवम् उनके कार्यकाल की जांच कर अतिशीघ्र कार्यवाही करे। वनों की कटाई के लिए सरलीकरण किया जावे। अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग धर्मांतरण पर रोक लगाए एवम् दूसरे राज्य की तरह छतीसगढ़ में भी धर्मांतरण पर नियम बनाए जावे। आदिमजाति कल्याण विभाग जिला दुर्ग में पदस्थ प्रभारी सहायक आयुक्त को हटाकर दूसरे जिले में पदस्थ करे,उनकी मूल पद क्षेत्र संयोजक है एवम् उनकी कार्यकालों की जांच करे।

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