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कुर्सी खरीदी जैसे कार्य,बाहरी दखलंदाजी व स्वयं के लाभ के इरादों से कैसे हो पायेगा नगर पंचायत डौण्डी लोहारा का विकास

निविदा में गड़बड़ी, अध्यक्ष/पार्षदनिधि का मनचाहा उपयोग वार्डवासियों की समस्याओं से आंख मूंदना व स्यंमहित की चाह से नगर विकास को लग गया ग्रहण

नगर पंचायत डौण्डी लोहारा बना कूटनीति का अखाड़ा, जनप्रतिनिधियों से ज्यादा तो बाहरी लोग ले रहे निर्णय आखिर अधिकारी निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह गैरो की क्यों सुन रहे

डौण्डी लोहारा cg24आजतक न्यूज :- डौण्डी लोहारा नगर पंचायत के गठन के 2 वर्ष बीतने को हे। लेकिन नगर का व नगरवासियों का यह दुर्भाग्य है। कि इस नगर को सही दिशा में ले जाने वाला जिम्मेदार जनप्रतिनिधि नही मिल पाया वही बजबजाती नालियां, घरों में घुसता पानी, वार्डवासियों के अपनी समस्याओं के निदान के लिए गुहार लगाना शायद यही इस नगर की नियति बन गया लग रहा है। जनता हर बार निर्णय लेती है। कि अब अच्छा होगा लेकिन जिम्मेदार पार्षदों के स्वयं के हित की लालसा व कुर्सी खरीदी का प्रेम इन सब मे आड़े आ रहा है।

नगर पंचायत डौण्डी लोहारा के एक भी पार्षद के बारे में यह नही कहा जा सकता कि चुनाव के समय हाथ जोड़कर बड़े बड़े वादे करने वाले ये नगर पंचायत के जनप्रतिनिधि चुनाव जितने के बाद शासन से मिले पार्षद निधि के सम्बंध में वार्डवासियों से राय लिया हो उनकी मांगों के अनुसार काम किया हो वार्डो में जो जायज समस्या। उसे पूरा करने के बजाय उस कुर्सी प्रेम से बाहर क्यों नही निकल पा रहे है। अधिकांश निधि का उपयोग चेयर खरीदी में ही क्यों लग जाता है। आखिर उस चेयर में ऐसा क्या है। जो कि पार्षद की पहली पसंद पार्षदनिधि को लेकर चेयर खरीदी ही है। क्या इनको अपनी कुर्सी जो जनता ने इनको वोट देकर बिठाया है। उससे भी अधिक चेयर खरीदी वाली कुर्सी प्यारा है। आखिर कोई बात तो होगा ही ।

नगर पंचायत के कुछ पार्षदों को दो बार से अधिक चुनाव में जिताकर वार्ड की जनता ने भेजा है। कि हमारी समस्याओ का हल करेंगे लेकिन नगर पंचायत के कुछ पार्षदों के कार्यो को देखा जाए तो लगता है। कि स्वयं के हित, दुकानदारी, व पार्षदनिधि के पैसे से खरीदी करने के ऊपर कोई बड़ा कार्य दिखाई ही नही दे रहा जनता के व नगर के जायज मुद्दों से इनको लेना देना ही नही

जनप्रतिनिधि से ज्यादा बाहरी व्यक्ति की दखलंदाजी नगर विकास में पढ़ रहा भारी नगर के अंदर की चर्चाओं की माने तो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से ज्यादा बाहरी व्यक्तियों की नगर पंचायत के कार्यो में दखलंदाजी के चलते नगर पंचायत के द्वारा नगर का विकास नही हो रहा है। कहने को तो जनता ने जिस व्यक्ति या महिला को चुनाव जिताकर भेजा है। उससे ज्यादा तो बाहरी लोग नगर पंचायत के अंदर नेतागिरी कर माहौल को बिगाड़ रहे है। हर कार्यो में दखलंदाजी कर रहे है। सूत्रों की माने तो इस प्रकार की गतिविधियों से नगर पंचायत का स्टाफ भी अंदरखाने नाराज है। कि पहली बार ऐसा दिख रहा है। कि अध्यक्ष व पार्षदों के अधिकारों पर कोई तीसरा उंगली कर रहा है। और सबसे बड़ा कारण यही है। कि दिनभर ऐसे लोग नगर पंचायत में देखे जा रहे है। जिनका निकाय से कोई लेना देना नही ।

राजनीति भी क्या क्या रंग दिखाए :- नगर में इस प्रकार की बाते भी कही जा रही है। कि नगर पंचायत का इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा कि जिनके ऊपर निकाय में गड़बड़ी करने व आर्थिक अनियमितता का आरोप लगा हो ऐसे लोग अंदर बैठकर नगर विकास के लिए नीति निर्धारण कर करे है।

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