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प्रदेश सरकार ने धान खरीदी की घोषणा,, पर अभी कट रहे धान की फसल को एक महीने तक धान की सुरक्षा में किसानों को होगी परेशानी

गुंडरदेहीcg24आजतक

धान खरीदी केंद्र में भूसा सप्लायर ओं के द्वारा मनमानी तरीके से धरम कांटा पर्ची में हेरा फेरी पर प्रशासन को निगरानी रखने की जरूरत है।

अधिकांश सोसाइटी में धान भूसा खरीदी के आड़ में जिम्मेदार अधिकारी व प्रतिनिधि करते हैं भ्रष्टाचार,, किसानों की समिति में भूसा माफिया का दखल अंदाजी,,

गुंडरदेही cg 24 आजतक न्यूज़ रिपोर्टर गुंडरदेही,,राज्य सरकार ने खरीफ सीजन सत्र 2021 -22 में समर्थन मूल्य के साथ 1 दिसंबर से धान खरीदी करने की घोषणा कर दी है। बता दें कि धान खरीदी की तारीख को लेकर क्षेत्र के किसान असमंजस थे। किसान आस लगाए बैठे थे कि इस बार राज्य सरकार 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करेगी। लेकिन राज्य सरकार की घोषणा के बाद तय हो गया कि इस बार भी 1 दिसंबर से ही धान खरीदी शुरू होगी। वहीं राजीव गांधी न्याय योजना की तीसरी किस्त 1 नवंबर को किसानों के खाते में डाली जाएगी।

बारदाने की होगी दिक्कत

एक दिसंबर से धान खरीदी आरंभ होना है लेकिन अभी तक धान खरीदी केंद्रों में बारदाना नहीं आया है। जिस पर किसानों का कहना है कि बीते सत्र में किसानों ने अपने बारदानों में धान बेचे थे। वहीं धान खरीदी केंद्रों में बारदाने नहीं पहुंचने से किसान अनुमान लगा रहे हैं कि इस वर्ष भी किसानों को स्वयं के बार दाने में धान बेचना पड़ सकता है।

खरीदी केंद्रों में तैयारी नही

राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार इस बार भी 1 दिसंबर से उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। लेकिन धान खरीदी को लेकर अभी तक खरीदी केंद्रों में कोई तैयारी देखने को नहीं मिल रही है। खरीदी केंद्रों में बीते सत्र के फटे बारदाने, त्रिपाल, भूसा सहित अन्य कचरा बिखरा पड़ा है। जिसकी सफाई को लेकर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है।

धान खरीदी की घोषणा के बाद क्या कहते है किसान…

ग्राम पांगरी के किसान श्रीकांत वर्मा, रविकांत वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का फैसला चौंकाने वाला है। एक माह तक कटाई का कार्य लगभग पूर्ण हो जाएगा, और अधिकांश किसान मौसम को देखते हुए मिजाई का कार्य भी कर लेंगे। ऐसे में किसानों की समस्या को देखते हुए राज्य सरकार को 15 नवंबर से धान की खरीदी शुरू करनी चाहिए।

किसान कुमेश साहू में कहा कि राज्य सरकार की 1 दिसंबर से धान खरीदी की घोषणा से हम हैरान हैं, क्योंकि अल्प वर्षा के चलते क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने अर्ली वैरायटी किस्म की फसलों का उत्पादन किया है। कटाई एवं मिजाई के बाद एक माह तक धान को रखना मुश्किल है।

किसान पुरंजन यदु ने कहा कि 1 दिसंबर से धान खरीदी आरंभ हुआ तो किसानों को धान मिजाई के बाद खलिहानों में रखवाली करनी पड़ेगी। क्योंकि खलिहान में आगजनी एवं चोरी की घटना का भय बना रहता है।

किसान रोशन साहू 15 नवंबर से धान खरीदी करने की मांग किसान काफी लंबे समय से कर रहे थे। इसके बावजूद भी राज्य सरकार ने 1 दिसंबर से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। जिससे किसानों में नाराजगी बनी हुई हैं।

किसान गेनिराम साहू ने कहा हम गरीब किसान खेती किसानी के ऊपर निर्भर है। किसानी से जो आए प्राप्त होता है उन पैसो से हम साल भर जीवन यापन करते हैं। राज्य सरकार के मुताबिक 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू होना है। वहीँ महज 4 दिनों के पश्चात दीपावली का पर्व आरंभ हो जाएगा। जिसके चलते हम किसान कोचियों के पास धान बेचने पर मजबूर हैं।

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