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योग प्रचारक समिति द्वारा सुवा महोत्सव का प्रथम आयोजन

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को सहेजने के उद्देश्य से नगर में पहली बार सुवा महोत्सव का आयोजन योग प्रचारक समिति राजापारा डौंडीलोहारा द्वारा किया गया।
सुवा महोत्सव के मुख्य अतिथि महेंद्र जायसवाल विशेष अतिथि माया जयेश ठाकुर और विशिष्ट अतिथि के रूप में छाया टेकाम , दीपक थवानी, रहिमत कोसमा, महेश कोलियारे,पीलू राम साहू, शकुन साहू उपस्थित थे। सुवा महोत्सव कार्यक्रम में योग प्रचारक समिति के बच्चों द्वारा विभिन्न योगासन की प्रस्तुति मंच पर दिया गया।देशांश राजपूत द्वारा गौमुखासन,हलासन,सलभासन,लोलासन तथा लवली भंसाली के द्वारा उष्ट्रसन,धनुरासन,वक्रासन, चक्रासन की प्रस्तुति दी गई। इसी क्रम में सुकृति, जागृति,माही और मुस्कान द्वारा सूर्यनमस्कार,ससकासन,पवनमुक्तासन, नौकासन,उत्तान पादासन,भुजंग आसन आदि आसन प्रस्तुत किए गए।
योग प्रशिक्षक हर्षा देवांगन ने कहा सुवा महोत्सव का आयोजन छत्तीसगढ़ की लुप्त होती लोक संस्कृति,लोक गीत,लोक नृत्य को सहेज कर अपनी भावी पीढ़ी को अवगत कराना है ताकि भावी पीढ़ी छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का संरक्षण कर सके।दीपावली के पावन पर्व तथा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर हुआ गौरा गौरी, राउत नाचा, पारंपरिक वेशभूषा में बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी जिसमें योग प्रचारक समिति के समस्त बच्चे व विभिन्न स्कूल के बच्चे भी सम्मिलित हुए।सुकृति कोलियारे और जागृति कोलियारे ने योग शिविर का अपना अनुभव व्यक्त किया। योग प्रचारक समिति द्वारा प्रतिदिन निशुल्क योगा एक्सरसाइज शिविर का आयोजन दुर्गा चौक राजापारा डौंडीलोहारा में हो रहा है जिसमें आप सभी सम्मिलित होकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं यह योग शिविर 24 दिन से निरंतर चल रहा है।

माया जयेश ठाकुर ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने का बहुत ही अच्छा प्रयास है ऐसे कार्यक्रम का आयोजन होते रहना चाहिए।तथा प्रतिदिन योगाभ्यास करने की सलाह दी गई। महेंद्र जायसवाल ने कहा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा योगा को खेल में शामिल किया गया है योगाभ्यास स्पोर्ट्स फेडरेशन जिला बालोद का गठन हो चुका है अब छत्तीसगढ़ शासन द्वारा योग को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसी क्रम में छाया टेकाम ने कहा प्रतिदिन योगा अपनाएं।और निरोगी काया पाएं। महेश कोलियारे ने कहा ऐसी पारम्परिक कार्यक्रम का आयोजन होते रहना चाहिए। दीपक थवानी ने कहा छत्तीसगढ़ पारंपरिक वेशभूषा का अपना एक महत्व है पारंपरिक वेशभूषा छत्तीसगढ़ की संस्कृति को उजागर करती है।उपरोक्त कार्यक्रम में नीलू पांडे,रोहिणी नायक,उर्मिला सिन्हा,एणुका सार्वा,गरबा ग्रुप से रंजना राजपूत,ममता साहसी,आरती संचेती तथा सुलेखा लोढ़ा,पूजा जैन, नेहा जैन निम्मी राजपूत,गायकवाड मैडम, धर्मेंद्र निषाद, मुकेश राजपुत, मोहन निषाद,वासुदेव गन्धर्व,अक्तु कोसमा आदि उपस्थित थे।

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