Cg 24 आज तक बोधन भट्ट बालोद
बालोद थाना अंतर्गत अमलीडीह में किसान द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में नया मोड सामने आया है परिजनों ने बालोद थाना पहुँचकर फायनेंसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया जिला मुख्यालय अंतर्गत ग्राम अमलीडीह में एक हप्ते पहले एक किसान रामचरण ध्रुवे उम्र 46 साल ने गाँव से लगे जंगल में जाकर फाँसी लगाकर आत्महत्या किया था जिसकी जानकारी पुलिस को मिलने के बाद मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम कर लाश परिजनों को सौंप दिया गया था जिसके बाद अब परिजनों द्वारा किसान के आत्महत्या के इस मामले को फाइनेंस कम्पनी के दबाव का कारण बताया जा रहा है जिसकी शिकायत करने परिजन एक हप्ते बाद बालोद कोतवाली थाना पहुँच कर फाइनेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई
कर्ज के दबाव में आकर किसान ने की आत्महत्या
परिजनों की जानकारी अनुसार किसान रामचरण धुर्वे ने सन 2014में खेती किसानी के लिए उधारी में एक ट्रेक्टर खरीदी किया था जिसे एक फायनेंस कम्पनी एल एन टी द्वारा फायनेंस करवाया गया था जिसके चलते किसान द्वारा दो तीन किस्तों का भुगतान उनके द्वारा किया गया था जिसके बाद फायनेंस कम्पनी का अन्य किस्त समय अवधि में जमा नहीं होने पर ट्रेक्टर को फायनेंस कम्पनी किसान के पास से खींच कर ले गई थी जिसके बाद ट्रेक्टर का यह मामला दुर्ग कोर्ट में चल रहा था जहाँ किसान को कोर्ट के आदेश का इंतिजार था तभी ट्रेक्टर फायनेंस कम्पनी के तरफ से एक व्यक्ति पहुँचा और किसान पर दबाव बनाते हुए तत्काल ही 70हजार रूपये राशि व्यवस्था करने
के लिए कहा गया जिसके बाद किसान रामचरण ध्रुवे घर से बाहर पैसे की व्यवस्था के लिए निकला और जंगल में जाकर आत्महत्या कर लिया वहीं फायनेंस कम्पनी का एजेंट शाम तक उसके घर पर ही इंतिजार करता रहा लेकिन वह नहीं पहुँचा दूसरे दिन उस किसान की लाश जंगल में पेड़ पर फाँसी के फंदे पर लटकी मिली थी
संजय ध्रुवे मृतक के भतीजे ने बताया की मृतक रामचरण ध्रुवे द्वारा आत्महत्या करने से पहले उन्हें फोन आया था जिसमें ट्रेक्टर फायनेंस को लेकर फायनेंसर द्वारा दबाव बनाने की बात कहीं गईं थी
ग्रामीण बिरझुराम धुर्वे मृतक के पड़ोसी ने बताया की फायनेंस कम्पनी से कोई एजेंट आया था जो तत्काल ही 60 से 70हजार रूपये की माँग कर रहा था वहीं मृतक द्वारा तत्काल पैसे की व्यवस्था नहीं है कहकर दो तीन दिनों कि मोहलत मांगी गई पर फाइनेंस कंपनी अपनी जिद में अडा रहा और लगातार किसान को पैसे के लिए दबाव बना रहा था जिससे तंग आकर किसान ने आत्महत्या की थी आज भी बालोद जिले में कई ऐसे प्राइवेट कंपनी वा सूद खोर है जिसके चलते किसान आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाने मजबूर हो गए हैं
थाना बालोद से मिली जानकारी के अनुसार मृतक के परिजन फाइनेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने था ना आए थे जहां उनका बयान दर्ज कर लिया गया है बयान के आधार पर कंपनी के एजेंट को बुलाकर पूछताछ की जाएगी
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