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“मया के खरही” का हुआ विमोचन

cg24 आज़तक न्यूज

मधुर साहित्य परिषद जिला बालोद के संयोजन में जिला के युवा साहित्यकार कामता प्रसाद देशलहरा द्वारा विरचित छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह “मया के खरही ” का विमोचन उनके 50 वे जन्म दिवस के अवसर पर उनके ही गृह ग्राम खलारी विकासखंड डौंडी में हुआ। इस काव्य संग्रह में कुल 180 छत्तीसगढ़ी कविताएं हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल की विविध संस्कृतियों का सुंदर समायोजन है। यह पुस्तक छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सहयोग से छपी है ।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अशोक आकाश जिला समन्वयक राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़, अध्यक्षता सीताराम साहू ‘श्याम ‘ वरिष्ठ साहित्यकार एवं राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित शिक्षक ने की। विशेष अतिथि बुटूदास पुर्णे वरिष्ठ साहित्यकार ,श्रीमती शिरोमणि माथुर वरिष्ठ साहित्यकार ,देव जोशी गुलाब, सी के शर्मा, आचार्य जे आर महिलांगे ,डीआर गजेंद्र, दिनेंद्र दास साहेब ,अमन दुग्गा रहे। कार्यक्रम की शुरुआत धर्मेंद्र कुमार श्रवण एवं भरत बुलंदी के सशक्त संचालन में मां शारदे की पूजा अर्चना से की गई । सभी साहित्यकारों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में कामता प्रसाद द्वारा विरचित “मया के खरही “का विमोचन हुआ ।तत्पश्चात जिले से आए सभी साहित्यकारों ने कामता प्रसाद दशहरा को शाल, श्रीफल ,पेन ,डायरी ,तैलचित्र आदि भेंट कर उन्हें जन्मदिवस एवं पुस्तक विमोचन हेतु बधाइयां दी गई ।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में इस आयोजन के मुख्य अतिथि डॉ अशोक आकाश ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में ग्रामीण अंचल के कवि कामता प्रसाद देशलहरा के द्वारा लिखित कविताओं को परिष्कृत कर राजभाषा आयोग से स्वीकृत कराकर प्रकाशन तक की लंबी प्रक्रिया को कोरोना काल के कई अड़चनों के बावजूद किस प्रकार पुस्तक छपवाने में सफलता हासिल की उन्हें बताया ।वह कवि के साहित्य के प्रति लगाव एवं उनके समर्पण भाव को प्रणम्य बताया। अध्यक्षता की आसंदी पर विराजमान सीताराम साहू ‘ श्याम ‘ ने अपने उद्बोधन में कविता को कवि का संतान बताते हुए यह कहा कि “बोलव अइसन जेन ल लिखे जा सके । लिखव अइसन जेन ल पढ़े जा सके ।” अर्थात उत्कृष्ट साहित्य लेखन हेतु प्रेरणा दी ।इसी कड़ी में उपस्थित साहित्यकार कवि की रचना को सराहते हुए उन्हें बधाई देते हुए अपनी कविताएं प्रस्तुत किये। इस गरिमामय एवं ऐतिहासिक आयोजन में देवनारायण नगरिहा, कन्हैया लाल बारले, जनाब अब्दुल लतीफ खान ,डॉक्टर जे आर बिरहा, गोविंद कुट्टी पणीकर, संतोष कुमार ठाकुर, शमीम अहमद सिद्दीकी ,बंसीलाल गावडे ,घनश्याम पारकर ,अनिल कुमार निषाद, रमेश भुआर्य ,मीनू साहू, खिलावन चंद्राकर, राधेलाल महिलांग, भाव सिंह गहिरवार, टिकेश्वर सिन्हा ,जगदीश यादव, सुरेश कोठारी, अजीत शिव तिवारी, एस के खरे, के के साहू, तुकाराम साहू, डॉ एन आर देवांगन एवं ग्राम खलारी के बहुत से गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।मधुर साहित्य परिषद इकाई डौंडीलोहारा के अध्यक्ष के आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम की समापन की घोषणा हुई।

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