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धर्म :- गणेश खपरी में चल रही है शिव महापुराण कथा तथा नौ दिवसीय रूद्र महायज्ञ शक्ति के बिना शिव पूर्ण नहीं :- पं. युवराज पांडे

cg24 आजतक न्यूज


देवरीबंगला / माता पार्वती शक्ति है। भगवान शिव ने शक्ति को पाने के लिए कठिन तपस्या की। शक्ति पार्वती ने भी शिव को पाने तपस्या की। शिव भोले भंडारी है। उन्हें एक लोटा जल, बेलपत्र एवं धतूरे से पूजा कर प्रसन्न किया जा सकता है। शिव भोले ने तो असुरों को भी वरदान दे दिया था। शिव के बारे में शिव के अतिरिक्त कोई नहीं जानता। उक्त उद्गार गणेश खपरी में शिव महापुराण कथा एवं नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ के दौरान आठवें दिन अमलीपदर के संत आचार्य पंडित रामानुज युवराज पांडे ने व्यक्त कीए। उन्होंने बताया कि शिव महापुराण में 1 लाख श्लोक एवं 12 संहिताए हैं। बाद में व्यास जी ने 24हजाऋ श्लोक व 7 संहिताओ की रचना की। भगवान शिव ने पार्वती के पूछने पर कैलाश के शिखर पर श्रीराम कथा सुनाई। श्रीलंका पहुंचने के लिए भगवान श्रीराम ने सेतु का निर्माण करवाया। भगवान शिव एवं सेतु की पूजा के लिए संसार के सबसे श्रेष्ठ पंडित को बुलाने का निर्णय किया। भगवान श्रीराम ने इसके लिए पंडित रावण को बुलाया। पंडित रावण महादेव के बहुत बड़े भक्त थे। मनुष्य निजी स्वार्थ के कारण ही भक्ति एवं ज्ञान से दूर हो रहा है। उन्होंने समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को संतो एवं गुरु के साथ रहने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। मनुष्य भक्ति मार्ग पर चलकर मोक्ष मार्ग पर जाता है। संत श्री ने बताया कि माया के पीछे भागने से सुख नहीं मिलता। माया दुख लेकर आती है। कितनी भी दौलत हो यदि ज्ञान नहीं है तो सब व्यर्थ है। शिव महापुराण कथा के प्रमुख यजमान लोमस साहू एवं अग्नि साहू है। आठवे दिन कथा का श्रवण करने जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, महामंत्री केशव शर्मा, संयुक्त सचिव कांतिभूषण साहू, सुमन सोनबोईर, सुशीला साहू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। कथावाचक संतश्री ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों की कथा, शिव महापुराण का सार तथा गीता दान का महत्व बताया।

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