
गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित लकड़ी का जखीरा घास जमीन एवं चारागाह जमीन पर देखने को मिल रहा है। आपको बता दें कि गुंडरदेही क्षेत्र में प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष को लकड़ी दलाल के माध्यम से कटिंग कर आरा मिल में खपाने की शिकायत लगातार मीडिया के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है, फिर भी वन विभाग के जिला अधिकारी से लेकर ब्लॉक मुख्यालय में बैठे अधिकारी एवं राजस्व विभाग व पुलिस विभाग के सांठगांठ के चलते प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष की कटिंग कर कर मिल में खपाया जा रहा है।

गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से 9 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत किलेपार के आश्रित ग्राम हीरू खपरी में मुक्तिधाम के पास सरकारी जमीन में भारी मात्रा में प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष की जखीरा देखने को मिल रहा है। प्रशासन के नाक के नीचे इस तरह के अवैध रूप से लकड़ी पर कार्रवाई करने विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। वन विभाग के वन मंडल अधिकारी आयुष जैन का कहना है यदि खेत में लकड़ी कटिंग हो रहा है तो वह राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है। परिवहन हो रहे वह वन विभाग की जिम्मेदारी है। आपको बता दें कि जिले के प्रभारी मंत्री से लेकर जिम्मेदार विधायक और मंत्री तक कहते हैं कि अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं। परंतु जिला स्तर से ब्लॉक में बैठे अधिकारी सिर्फ अवैध कारोबार को बढ़ाने में लगे हुए हैं।

शुद्ध हवा ऑक्सीजन देने वाले छायादार अर्जुन वृक्ष की कटाई प्रतिबंधित होने के बावजूद वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त मिलीभगत के चलते आरा मिल संचालकों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी आरा मिल में रखे लकड़ी की जखीरा को रातों-रात दूसरे ब्लॉक में परिवहन करने में संरक्षण दे रहे है।
वही लकड़ी माफिया व आरा मिल के संबंध में शिकायत मिलने के बाद भी विभागीय अधिकारी द्वारा कार्रवाई करने के बजाय खुली संरक्षण दे रखा है, जो गुंडरदेही क्षेत्र के प्रतिबंधित लकड़ी को रातों-रात ट्रैक्टर व मेटाडोर के माध्यम से जैसे कि दुर्ग जिला के उतई, गाडाडीह, सेलूद बटरेल इन जगहों पर परिवहन हो रहा है। पर गैर जिम्मेदार अधिकारी के चलते इन लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद है। वहीं अवैध रूप से लकड़ी काटने वाले व परिवहन करने वाले लकड़ी माफिया एक परिवार के निजी जिंदगी पर भी खराब कर रहे हैं जिसको प्रशासन बढ़ावा देकर रखें।
वही रन चिरई पुलिस थाना प्रभारी को अवैध परिवहन और लकड़ी कटिंग की सूचना देने के बाद भी लकड़ी माफिया पर कार्यवाही करना भी भूल गए हैं।आपको बता दें कि लकड़ी माफिया खुलेआम लकड़ी काटने का भी प्रशासन को चुनौती दे चुके हैं फिर भी सरकारी तंत्र इतने कमजोर हैं की चुनौती देने वाले लकड़ी माफिया घास जमीन पर स्टॉक रखकर बरसात में अपना कारोबार को चलाने में कामयाब हो जाते हैं। फिर भी इन माफियाओं पर कार्यवाही नही हों रही है।
ग्राम पंचायत किलेपार हीरू खपरी के सरपंच ओम प्रकाश साहू ग्रामीण बुधराम बघेल, अशोक साहू, सुनील साहू, लक्ष्मी नारायण साहू, कृपा राम साहू, फागण साहू, सहित ग्रामीणों की मांग है कि शासकीय जमीन, चारागाह जमीन पर बिना अनुमति के अवैध रूप से लकड़ी रखने वाले पर कार्यवाही करना चाहिए और इस लकड़ी को ग्राम पंचायत में सुपुर्द देना चाहिए ताकि गांव के विकास हो सके।
इस पूरे मामले को लेकर जिला वन मंडल अधिकारी आयुष जैन को 4:35 में फोन लगाने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय में पदस्थ डिप्टी रेंजर आर एम टेकाम से संपर्क करने पर उन्होंने कहा फिलहाल परिवहन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एक आरा मिल पर कार्रवाई हुआ है।
इस पूरे मामले को लेकर सरपंच ओम प्रकाश साहू ने कहा शासकीय जमीन पर प्रतिबंधित लकड़ी का अवैध रूप से जखीरा रखने से जानवरों के चारागाह में समस्या आ रही है। वहीं दूसरी ओर इस जगह पर मुक्तिधाम का जगह जमीन है जहां पर दुखद कार्यक्रम में जब ग्रामीण दाह संस्कार के लिए आते हैं तो कई प्रकार के चर्चा होते हैं। जहां पर सरपंच की छवि धूमिल हो रही है तत्काल हम इस पर कार्रवाई चाहते हैं।।
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