राजनांदगांव-
राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 16 अगस्त को राज्य के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए DA में 6 प्रतिशत की वृद्धि की , लेकिन इस सौगात के बाद भी कर्मचारी नाखुश नजर आ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ये सिर्फ ऊंट के मुंह मे जीरा है। दरअसल, राज्य के कर्मचारियों ने केंद्र के कर्मचारियों के बराबर DA 34 प्रतिशत की मांग कर रहे थे, लेकिन DA 6 प्रतिशत ही बढ़ा है. यानी वर्तमान में 22 प्रतिशत DA राज्य के कर्मचारियों को मिलता जो अब बढ़कर 28 प्रतिशत हो जाएगा। राज्य सरकार ने 1अगस्त 2022 से केवल 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते की आदेश की है, जो निराशाजनक है। एरियर्स और पुराने लंबित महंगाई भत्ते को जो राज्य के कर्मचारियों का हक था, उसे सरकार ने छीन लिया। जिससे राज्य के कुशल वित्तीय प्रबंधन और बेहतर आर्थिक स्थिति का दावा खोखला साबित होता है। राज्य के कर्मचारी निराश हताश और आक्रोशित हैं। पुनः राज्य के कर्मचारी ठगे से महसूस कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा व जिला प्रवक्ता देवेंद्र साहू ने कहा कि महंगाई भत्ते में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे कमर्चारियों में खुशी की लहर तो है ही, साथ ही साथ निराशा भी है। हमारी मांग थी कि केंद्र के बराबर हमें भी 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलना चाहिए, लेकिन वो नहीं मिला है। बढ़ती महंगाई को लेकर राज्य के कमर्चारियों ने केंद्र के बराबर DA की मांग मुख्यमंत्री से की थी, लेकिन वृद्धि सिर्फ 6 प्रतिशत ही हुआ है।
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