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छत्तीसगढ़ के डौंडी में महिला एकीकृत बाल विकास परियोजना में रेडी टू ईट ट्रांसपोटिंग सवालों के घेरे में ।

डौंडी – नन्हे मुन्हे बच्चों का भविष्य शिक्षा अध्ययन आंगनबाड़ी से होता है और यही आंगनबाड़ी से उन्हें पौष्टिक आहार के संदर्भ में बताया जाता है व आंगनबाड़ी में ही इन बच्चों को शिशु शक्ति आहार रेडी टू ईट के माध्यम से दिया जाता है। परंतु जब रेडी टू ईट को पहुचाने वाले ही यदि एकीकृत महिला बाल विकास विभाग में ना पहुँचाकर एक ही स्थल के सामाग्री को नगर पहुँचने बावजूद अन्यत्र स्थल गाड़ी खड़ाकर दूसरे गाड़ी से उसी सामग्री का परिवहन कर रहे है तो इस अनोखे अंधेरे खेल को क्या समझा जावे।

बात की जा रही है डौंडी एकीकृत महिला बाल विकास की जहां गत मंगलवार 27 सितंबर को राजिस्थान के ट्रक क्रमांक R J 11G B0488 डौंडी नगर के कन्या हाई स्कूल के सामने आकर खड़ी हुई जो कि डौंडी महिला बाल विभाग के लिए रायपुर से रेडी टू ईट 500 से ज्यादा बोरी भरकर लाई गई थी लेकिन यह ट्रक महिला बाल विकास डौंडी में उक्त सामाग्री खाली ना कर इसी स्थल से दूसरे वाहन पिकअप क्रमांक CG07CA 7821 से भरवाकर महिला बाल विकास डौंडी में छोड़ा गया जो कि समझ से परे व शासन को परिवहन के नाम पर चुना लगाने जैसा कार्य लग रहा है। क्योंकि ट्रांसपोटिंग परिवहन केवल एक ही वाहन में किया जाता है। जब इस संबंध में उक्त ट्रक ड्राईवर जिन्होंने अपना नाम बंटू व पता यूपी बताया गया उनसे पूछताछ करने पर कहा कि महिला बाल विकास डौंडी जाने का रास्ता सकरा होने की वजह से डौंडी पहुँचने बावजूद पिकअप के माध्यम से उक्त सामाग्री परिवहन करना पड़ रहा है। जबकि उक्त मार्ग सकरा है ही नही इस मार्ग पर कच्चे से आयरन ओर भरकर आने वाली 12 से 18 चकिया वाली गाड़ी भी ट्रक ड्रायवरों अपनी घर ट्रक सहित आते जाते रहते है जिससे महिला बाल विकास डौंडी मे ट्रक सुविधा नही घुस पाने की बात किसी के भी गले नही उतर पाएगी। बात यही पर खत्म नही हो रही क्योंकि जिस वक्त रेडी टू ईट सामाग्री का परिवहन जिम्मेदार ट्रक के द्वारा ना कराकर जिस पिकअप से करीब 4 . 25 बजे परिवहन हो रहा था उस वक्त महिला बाल विकास के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नही थी। ऐसे में कितना सामाग्री उतारा गया उसका रिकार्ड किसके भरोसे रहा। या आंख मूंदकर इस तरह का कार्य हो रहा है। जबकि जिस गोदाम में उक्त सामाग्री खाली हो रहा था उसकी चाबी पिकअप वाहन के पास रहा। इस संबंध में जब ट्रक ड्राइवर से चर्चा की गई कि पिकअप कहा का है तो ट्रक चालक ने कहा कि उन्हें नही पता वे तो केवल सामाग्री छोड़ने ही आये है। उन्होंने यह भी बताया कि रेडी टू ईट गाजियाबाद से रायपुर आया और वे रायपुर से डौंडी के 500 से अधिक तथा धमतरी की 147 बोरी परिवहन करने आये है। अब बड़ा सवाल यह कि जो परिवहन की तिथि का बिल्टी बिल के अनुसार ट्रक ड्राइवर बंटू ने दिखाया वह रायपुर से 23 सितंबर को लोड होकर 24 सितंबर को धमतरी मे खाली किया जाना था। जबकि डौंडी में 27 सितंबर को उक्त रेडी टू ईट की बोरिया अन्यत्र जगह से गाड़ी खड़ा कर दूसरे वाहन से खाली कराया गया। वही ट्रक ड्राइवर बंटू के अनुसार वह धमतरी का सामाग्री 28 सितंबर को खाली करेगा। अब प्रश्न यह उठ रहा कि ना तो गाड़ी खराब है और ना ही दिनांक और ऊपर से इस प्रकार का लेट व अन्य सुविधा से अलग परिवहन ये क्या कहलाता है। कही दाल में कुछ ….?

मैं बालोद गई थी कितना सामाग्री उतरा परियोजना डौंडी में उतरा इसकी जानकारी लेने के बाद ही बता पाऊंगी। रेडी टू ईट की सामाग्री एग्रो कंपनी से आती है जिसका विवरण हेतु आप आवेदन लगावें तभी पूर्ण जानकारी या फिर आफिस आकर विस्तृत जानकारी लेवे।

महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी दीपा साह डौंडी

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