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केंद्रीय विद्यालय खोलने दल्ली राजहरा की जनता की मांग पर कितनी “संजीदा” है क्षेत्रीय विधायक व मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया

केंद्रीय विद्यालय को लेकर आखिर स्थानीय जनप्रतिनिधि किस पशोपेश में पड़े है। आखिर जब केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गया है। तो इसके निर्माण में क्यों देरी हो रहा है। स्थल चयन करने आखिर जिला प्रशासन के द्वारा आगे की कार्यवाही क्यों नही हो रहा ? ,दल्ली राजहरा की जनता जब नगर में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग कर रहे तो क्षेत्रीय विधायक व मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने क्यों नही उठाया व इस मामले का पटाक्षेप क्यों नही किया ?

बालोद/दल्ली राजहरा :- बालोद जिला के दूसरे बड़े नगर दल्ली राजहरा जिसे लौह अयस्क नगरी कहा जाता है। जिसे क्षेत्रीय विधायक व मंत्री श्रीमती भेड़िया भी दल्ली राजहरा नगर को लेकर वर्णन करते हुए लिखती है। कि अनुपम प्राकृतिक वादियों झरनों के साथ साथ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण विश्वविख्यात लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा की एक अलग ही गौरव गाथा है। लेकिन इस विश्वविख्यात नगर की जनता की अपनी भी जरूरतें है। समस्याये है। दल्ली राजहरा नगर हमेशा अपने गौरव गाथा के पन्नो में संघर्षो व बलिदान के लिए भी जाना जाता है। श्रमिक नेता स्व.कामरेड शंकर गुहा नियोगी की कर्मभूमि, मजदूर आंदोलन से हक व अधिकार की जो लंबी लड़ाई लड़ने की शुरुआत इस नगर में हुई वो आज एक मिशाल बन गया है। लेकिन इस अयस्क नगरी के रहवासियों की जायज मुद्दों पर उनकी मांगों व नगर विकास के लिए उठती आवाजो को अब पहले जैसी ताकत नही मिल पा रहा है। जिस दल्ली राजहरा से मजदूर अपने हक के लिए आवाज बुलंद करते थे उसी नगर में रहने वाले हजारों लोगों की आवाज आज वर्तमान में कोई सुन नही रहा है।

दल्ली राजहरा को उजड़ने से बचाने के लिए वर्तमान सांसद मोहन मंडावी व क्षेत्र की विधायक व मंत्री अनिला भेड़िया को मिलकर बड़ी पहल करने की आवश्यकता है।राजनीतिक दावपेंच, से ऊपर आमजनता की भावनाओं व हितों को समझकर कुछ निर्णय लेने होंगे तभी नगर व नगर की जनता का विकास संभव हो पायेगा

हम ऐसा इसलिए कह रहे है। कि कुछ ही समय पूर्व भेंट मुलाकात कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल इस उजड़ते शहर में आये व रोड शो किया रात्रि विश्राम किया,समाजिक लोगो से मिले,बुद्धिजीवी वर्ग से संवाद किया व कुछ सौगात भी दी लेकिन जिस तरह से आयोजन को लेकर नगरवासियों में उत्सुकता था व तैयारी थी एक उम्मीद बना था नगर को लेकर की कुछ बड़े विषयों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे आमजनता की मांगों का हल निकलेगा पर ऐसा ज्यादा कुछ हुआ हो यह दिखाई नही दिया,व्यापारियों की नराजगी,प्रेस से दूरी,व देर शाम नगर के कुछ संगठनों से मुलाकात में जो खामियां देखी गई उसके कारण सार्थक संवाद नही हो पाया । व बड़ी उम्मीदें जो दल्ली राजहरा की जनता ने संजोये थे वो धराशायी होकर रह गए।

बड़े विषय धरे के धरे रह गए :-

केंद्रीय विद्यालय,1 से 27 वार्डो के रहवासियों को पट्टा,उप जिला का दर्जा देने संयुक्त जिला कार्यालय का नाम बालोद दल्ली राजहरा करने, डीएमएफ की राशि नगर विकास के लिए देने, पालीटेक्निक कालेज खोलने,बाईपास सड़क निर्माण,औद्योगिक नगर की स्थापना,जल आवर्धन योजना जैसे बड़ी बातें व विषय धरे के धरे रह गए।

विश्वविख्यात नगर का यह हालत है कि खदानों में आयरन ओर खत्म होने की कगार पर है। एक लाख की जनसख्या वाले नगर में अब संख्या मात्र 40 हजार के करीब रह गया है। और इस शहर के भविष्य को संवारने के लिए युवाओं को रोजगार,व्यापारियों को व्यवसाय,व आमजन को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य,व पेयजल मिले इसके लिए नगर में बड़े उद्योगों की स्थापना जरूरी है। लेकिन इन विषयों का इस बार भी हल नही निकल पाया।

डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए वर्तमान नेतृत्व कर रही श्रीमती भेड़िया के लिए भी यह बड़ा अवसर है। कि वो दूसरी बार चुनाव जीतकर आई है। व प्रदेश में उनकी सरकार है। वे स्वयं सरकार में मंत्री बनकर बड़े ओहदे में है। इस क्षेत्र की राजनीतिक विरासत को देखे तो सरकार में मंत्री बन जनसेवा का सुनहरा अवसर भेड़िया परिवार को ही मिला है।और दल्ली राजहरा की जनता की मांग को पूरा करने “केंद्रीय विद्यालय” खुलवाने का सुंदर अवसर व मौका मंत्री महोदया के सामने पड़ा है।

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