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धर्मनिष्ठ सुश्रावक अगरचंद लोढ़ा अपने जीवन के अंतिम समय मे चौविहार संथारा ग्रहण कर अपने जीवन को सार्थक कर गुरु सेवा मे समर्पण किया

संथारा सीज गया

|| जय गुरु नाना || जय महावीर || जय गुरु राम ||

हुक्म संघ पाठ को गुरु आज्ञा मे शोभित करने वाले
परम पूज्य
आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलाल जी म. सा. की आज्ञा मे विचरण करने वाले शासन दीपक श्री हेमंत मुनि जी म.सा. व उनकी आज्ञा से श्री सौरभ मुनि जी म.सा. एवं श्री दिव्यदर्शन मुनि जी म.सा. द्वारा चौविहार संथारा ग्रहण कराने
एक दिवस पूर्व डोंगरगांव के लिए उग्र विहार कर
मेरे जीवन का जब अंत हो मेरे सामने एक संत हो
इस वाक्य को फलिभूत करने वाले धर्मनिष्ठ सुश्रावक श्रीमान अगरचंद जी लोढ़ा अपने जीवन के अंतिम समय मे चौविहार संथारा ग्रहण कर अपने जीवन को सार्थक कर गुरु सेवा मे समर्पण किया
वीर भाई
वीर दादा जी,
पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जी के पिता श्री
डोगरगांव‌ संघ के आधारस्तम्भ
महासती श्री गंगावती जी म.सा. के संसारिक भाई एवं श्री सौरभमुनि जी म.सा. श्री दिव्यदर्शन मुनि जी म.सा.,महासती सुयसप्रज्ञ जी म.सा. और महासती श्री निर्जराश्री जी म.सा. के संसारिक दादा जी श्रीमान अगरचंद जी लोढा जी का चौविहर संथारा सीज गया है।

छै संतो के सानिध्य मे बड़े हि सम भाव से अपने मोक्ष यात्रा के लिए गतिशील हुए
संथारे का चौथा दिन लगभग दोपहर 4.30 बजे श्री धीरजमुनि जी म.सा. और दिव्यदर्शन मुनि जी म.सा. जी ने मांगलिक फरमाया और 5.30 बजे बहुत ही सरल गति से संथारा सीज गया।आपकी डोल यात्रा 25.11.2022 शुक्रवार सुबह 10 बजे निकाली जाएगी
आपके आकस्मिक निधन‌ से न केवल डोगरगांव‌ संघ को अपितु श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ एव 36गढ उडीसा अंचल साधुमार्गी जैन संघ को अद्वितीय क्षति हुई है जिसे पूरा नही किया जा सकता ।

   नवीन देशलहरा
       महामंत्री

36गढ उडीसा अंचल साधुमार्गी जैन संघ

सेवाभावी
झुम्मरलाल जी, इंदरचंद जी, अशोक कुमार जी, जेठमल जी, दिलीप कुमार जी, राकेश जी, ललित जी,मुकेश जी, विनोद जी, राजकुमार जी, नरेन्द्र जी एव समस्त लोढा परिवार
पौत्र- सन्नी जी, सुपार्श्वजी, दर्शन जी लोढा
पडपौत्री – जैनू लोढा
डोगरगांव‌ सकल जैन संघ

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