
पौष्टिक भोजन का एक स्रोत ,,,,,,,,,,, आदित्य
छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ द्वारा मछुआरों के प्रतिनिधियों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित
कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में 11एव 12 दिसंबर को
सरायपाली ।विश्व मत्स्य दिवस प्रतिवर्ष 21 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन स्वस्थ समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के महत्वपूर्ण महत्व को उजागर करने और दुनिया में मत्स्य पालन के स्थायी स्टॉक को सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। विश्व मत्स्य दिवस दुनिया भर में मछुआरे समुदाय के हित और विकास और विकास की रक्षा करते हुए हमारे महासागर पारिस्थितिक तंत्र के स्थायी मॉडल का पालन करने के लिए दुनिया का सामना कर रही तेजी से परस्पर जुड़ी समस्याओं के समाधान खोजने की खोज करता है।
मछुआ कल्याण बोर्ड के सदस्य आर,एन, आदित्य ने हमारे प्रतिनिधि को बताया कि मत्स्य पालन क्षेत्र हमारी दुनिया में मछुआरों या तटीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र को एक शक्तिशाली आय और रोजगार जनरेटर के रूप में मान्यता दी गई है क्योंकि यह कई सहायक उद्योगों के विकास को प्रोत्साहित करता है, और विदेशी मुद्रा अर्जक होने के अलावा सस्ते और पौष्टिक भोजन का एक स्रोत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह हमारी दुनिया के आर्थिक रूप से पिछड़े आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए आजीविका का स्रोत है। छतीसगढ़ मछुआ महासंघ के द्वारा पूरे भारतवर्ष के मछुआरों के प्रतिनिधियों का सम्मेलन कल 11 एवं 12 दिसंबर को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर मैं आयोजित किया गया है, उक्त कार्यक्रम में मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एम.आर . निषाद एवं सरायपाली से आर. एन .आदित्य अधिवक्ता सदस्य मछुआ कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रतिनिधित्व करेंगे l
प्रदेश के समस्त मछुआरा बंधुओं से निवेदन है, कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने सहभागी बने
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