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शैक्षिक प्रगति जानने पीटीएम में शामिल हुए पैरेंट्स

सरायपाली :- स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ठ विद्यालय में प्राचार्य पी.के.ग्वाल के निर्देशन एवं प्रभारी प्रधान पाठक यशवंत कुमार चौधरी के कुशल नेतृत्व में अभिभावक- शिक्षक- विद्यार्थी मीट का आयोजन प्रथम समेटिव आँकलन परिणाम आने के पश्चात विद्यार्थियों के विषयवार परिणाम की जानकारी साझा कर,कठिनाई के क्षेत्रों के चिंहांकन कर,सीखने की संप्राप्ति(लर्निंग आउटकम) के उद्देश्य से उपचारात्मक शिक्षण मुहैया आदि प्रयासों के लिए किया गया. . माता-पिता और शिक्षक का एक ही लक्ष्य होता है,बच्चे की सर्वांगीण विकास के साथ सफलता। माता-पिता,शिक्षक और बच्चे की साझेदारी स्कूली प्रक्रिया को योजनाबद्ध ढंग से उपलब्धिमूलक, समृद्ध और प्रभावी बनाती है। यूनेस्को के अनुसार, “माता-पिता अपने बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं”। उनका सहयोग,प्रेरणा,अपनापन बच्चे की पढ़ाई और विकास को काफी हद तक प्रभावित करता है। सेजेस प्राचार्य पी.के.ग्वाल ने इस सुव्यवस्थित पीटीएम प्रोग्राम की सराहना की तथा इसे प्रभावी करार दिया. पालक समिति अध्यक्ष कमल पटेल ने कहा कि यह पालकों की सक्रियता,जागरुकता का प्रतीक है कि इतनी बड़ी संख्या में पालकों की खासकर माताओं की विद्यालय में उपस्थिति हुई है.प्रभारी प्रधान पाठक यशवंत कुमार चौधरी ने बताया कि अभिभावक-शिक्षक- विद्यार्थी के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान,मधुर संबंधों की बेहतरी,साझा समझ बनाने, सतत विकास हेतु प्रभावी ढंग से पीटीएम प्रोग्राम आयोजन शाला विकास में महत्वपूर्ण है. वरिष्ठ शिक्षक विनोद चौधरी ने बताया कि पालकों की सहभागिता से शाला सम्बन्ध में प्रगाढ़ता आएगी और उपलब्धि संवर्धन हेतु कारगर साबित होगा. शिक्षिका रश्मि राजा ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई हेतु सकारात्मक वातावरण देकर प्रेरित करने में शिक्षक के साथ साथ पालकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है. शिक्षक रूपसिंह यादव ने बताया कि यदि किसी क्षेत्र विशेष में विद्यार्थी का स्तर निम्न है तो पीटीएम के माध्यम से समन्वय द्वारा उच्च स्तर पर लाने प्रयास पर साझा रणनीति बनाने में मदद मिलती है. शिक्षक श्यामसुंदर दास ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों से सीख लेने पियर लर्निंग एवं ग्रुप लर्निंग आवश्यक है. शिक्षक गजानंद प्रधान ने बताया कि विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट से वाक़िफ़ होना हर पालक की नैतिक जिम्मेदारी है. शिक्षक विशिकेशन नैरोजी ने कहा कि पालक अपने पाल्यों की उपलब्धियों और कमियों के प्रति सतर्क हैं यह बहुत जरूरी है. पीटीएम एक महत्वपूर्ण अवसर है जिससे पालकों को सीधे विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से रुबरु होने का अवसर मिलता है.बच्चों की वैयक्तिक भिन्नता,सीखने की गति,सीखने के विविध तरीकों का सम्मान करना जरूरी है बच्चों के नियमित गृह कार्य पूरा कराने,शत् – प्रतिशत उपस्थिति,स्वच्छता,नैतिक सीख,अनुशासन,कक्षावार मूल्यांकन एवं गुणवत्ता विकास समिति की क्रियाशीलता,कौशल विकास के मुख्य ध्येय पर विचार केंद्रित रहा. प्राप्त ग्रेड के अलावा विषयवस्तु की समझ,विद्यार्थियों की स्वाध्याय एवं सीखने संबंधी जानकारी का आदान- प्रदान किया गया. पालकों ने कुछ परेशानियों की ओर ध्यान आकृष्ठ कराते हुए शीघ्र निराकरण कराने की अपील की है. शांतिपूर्ण तरीके से हुई इस सफल पीटीएम प्रोग्राम में उत्साहित होकर पालकों ने भाग लिया और लर्निंग आउटकम पर ध्यान फोकस किया. इसमें माताओं की सहभागिता सह उपस्थिति काफी अधिक रही. सभी उपस्थित विषय शिक्षकों एवं स्टाफ, पालक, विद्यार्थियों का भरपूर योगदान रहा.।

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