
बीमा है न ,पेंशन है।
दुनिया भर का टेंशन है ।

बालोद- छत्तीसगढ़ के समस्त संविदा कर्मचारी निरंतर 15-20 वर्षो से कार्य करने के उपरांत अचानक नौकरी से निकाले जाने का भय एवं पारिवारिक सुरक्षा नही मिलने के कारण नियमितीकरण की मांग कर रहे है, जिससे स्थायीकरण, वरिष्ठता का लाभ, वेतन, ग्रेच्युटी, क्रमोन्नति, पदोन्नति, सामाजिक सुरक्षा, अनुकम्पा नियुक्ति एवं बुढ़ापे का साहारा पेंशन, अवकाश जैसे आदि अनिवार्य रूप से मूलभूत सुविधाएँ नही मिल पा रही है।
विषम परिस्थितियों एवं कोरोना काल में भी बिना किसी ठोस बीमा सुरक्षा, अनुकम्पा नियुक्ति, अल्प वेतन एवं भत्ते में अपनी सेवाएँ देते आ रहें है। बहुत से संविदा कर्मचारी कालकलवीत होने के उपरांत सेवा के प्रतिफल में उनके परिजनों को कुछ भी नही मिला।
उक्त उपेक्षा पूर्ण व्यवहार से समस्त विभाग के संविदा कर्मचारी भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी रोजी-रोटी को बचाने के लिए आवेदन, निवेदन उपरांत विवश होकर दिनांक 03 जुलाई 2023 से मजबूरीवश अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।

जन घोषणा पत्र – 2018 में नियमितीकरण किए जाने का उल्लेख लिखित में होने के साथ-साथ आपके द्वारा दिनांक 14 फरवरी 2019 को मंच से घोषणा भी की गई तथा नियमितीकरण हेतु समिति गठन के उपरांत भी साढ़े चार वर्ष पश्चात नियमितीकरण नही किए जाने के विरोध में तथा एस्मा का हवाला देकर दमन पूर्वक नियमितीकरण के वादे को दबाया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ के समस्त संविदा कर्मचारी निराश एवं से छुब्ध होकर सामूहिक (इस्तीफा ) त्याग पत्र देने को मजबूर है। जिससे सभी विभाग के संविदा कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है।
इस तारतम्य में जिले के संविदा कर्मचारियों द्वारा जिला स्तर के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम सामूहिक इस्तीफा सौपा गया। उक्त जानकारी जिला संयोजक द्वारा प्रदान की गई है।

CG24 aajtak news Balram Gupta 9893932904