
डौंडीलोहारा :- बालोद जिले का एकमात्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित डौंडीलोहारा विधानसभा सीट जहा पर एक किसान से लेकर राजा व वर्तमान में नगर की बेटी के हाथों में विकास की कमान जनता ने सौंपा हैं। लेकिन डौंडीलोहारा की तस्वीर जैसे कि तैसे ही बनी हुई हैं।
बड़े बड़े राजनीतिक परिवारों के हाथों में क्षेत्र की कमान होते हुए भी क्षेत्र की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आज भी शिक्षा,स्वास्थ्य,पेयजल,सिंचाई जैसे मामलों पर जनता को सड़क पर उतर आंदोलन करते देखा जा सकता है।
अब बात करे डौंडीलोहारा नगर की तो कहने को यह नगर क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया का गृह निवास स्थान है। लेकिन जब विकास कार्यों की ओर नजर गड़ाए तो आज भी यह नगर काफी पिछड़ा नजर आता हैं। जीर्णशीर्ण शासकीय कार्यालय, उजड़े गार्डन,गंदगी से पटा नगर का खेल मैदान, भ्रष्टाचार की तस्वीर बया करता गौठान,पौनी पसारी योजना से बना भवन,अधूरा मंगल भवन, किराए के घरों में संचालित आंगनबाड़ी भवन कहने को एक भी ऐसा कार्य नहीं जिसको लेकर कहा जा सके कि नगर का चौमुखी विकास ऐसे नेताओं के कार्यकाल में हुआ हो ।
ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनने के बाद सरकारों से विकास के लिए करोड़ों रुपए मिले लेकिन बिना योजना व मास्टर प्लान से हुए कार्य आज भी बदहाल अवस्था में दिखाई दे रहे है।
विधानसभा चुनाव हो,नगर पंचायत चुनाव हो जितने भी नेता हुए सभी ने गला खोलकर खूब विकास के बातें की नगर को नई ऊंचाई देने का भरोसा दिलाया लेकिन वायदे व काम हकीकत से कोसों दूर ही हैं।
छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास मंत्री रही श्रीमती अनिला भेड़िया के गृहग्राम डौंडीलोहारा में आज भी नौनिहाल बच्चों का आंगनबाड़ी किराए के मकान में संचालित हो रहा तो आप समझ सकते हैं। की किस स्तर तक विकास के कार्य हुए होंगे। आज भी गरीब मध्यम परिवारों को शादी के लिए भवन उपलब्ध नहीं हो पाता कार्यक्रम खुले मैदान में या मंदिरों में संचालित होते हैं। नगर के बेरोजगार युवाओं को सरकारी स्थानों पर अतिक्रमण कर जिंदगी बसर करना पड़ रहा है। न खेल के क्षेत्र में कोई परिवर्तन न बुनियादी सुविधाओं में कोई प्रगति हो पाया
15 वर्षों से क्षेत्र से चुनाव जीतने वाली श्रीमती अनिला भेड़िया डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की जाने माने राजनीतिक परिवार याने कि “भेड़िया”परिवार से संबंध रखती है। क्षेत्र में व इस सीट पर लगभग 60 वर्षों से बड़े राजनीतिक पावर अगर किसी भी परिवार के पास रहा है या कहे कि है तो वो इसी परिवार के पास बना हुआ है ।
स्व झुमुकलाल भेड़िया,डोमेंद्र भेड़िया के बाद तीसरे क्रम में राजनीतिक विरासत को संभालने वाली महिला जनप्रतिनिधि श्रीमती अनिला भेड़िया है जो वर्तमान में विधायक के दायित्व पर बनी हुई है। स्वभाव से बहुत ही सरल, सहज मिलनसार महिला जनप्रतिनिधि व्यक्तित्व ऐसा की विरोधी भी मान देने को सहमत लेकिन जनप्रतिनिधि कर्तव्यों पर खासकर क्षेत्रीय विकास पर बड़ी उपलब्धि नहीं बना पाई हैं।
भाजपा से भी दो बार विधायक इस सीट पर निर्वाचित हुए जिनमें स्व लाल महेंद्र सिंह टेकाम व उनकी पत्नी स्व नीलिमा टेकाम शामिल रहे हैं। कहने का मतलब दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को मौका मिला वही श्रमिक संगठन से जनक लाल ठाकुर को भी पद मिला लेकिन विकास के दावे खोखले ही साबित हुए छोटे छोटे कार्यों को छोड़कर देखे तो बड़ी परियोजनाओं पर निराशा ही हाथ लगा यह मान सकते हैं।
वर्षों से उद्योग कारखानों की मांग:- डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र में युवाओं की बेरोजगारी व स्थानीय व्यवसाय को बढ़ाने क्षेत्र में उद्योग कारखाने खोलने की मांग 90 के दशक से हो रहा है। चाहे केंद्र में सरकार कांग्रेस की रही हो,भाजपा की रही हो या प्रदेश में सत्ता किसी भी दल के हाथों में हो यहां की जनता कारखाना उद्योग धंधों की मांग करते रहा है।जिस पर आजतक किसी ने भी कार्य नहीं किया

दुर्भाग्य की दल्ली राजहरा के हजारों नगरवासी आजादी के 75 वर्षों के बाद भी बेहतर स्वास्थ सुविधा के लिए 100 बिस्तर अस्पताल के लिए तरस रहे हैं। जिस राजहरा की भूमि से निकले लौह अयस्क से देश का खजाना भर रहा आर्थिक मजबूती मिल रहा वो डौंडीलोहारा विधानसभा सीट की जनता की झोली आज पर्यंत तक खाली का खाली ही रह गया है।

बड़े योजनाओं व केंद्र सरकार सहित राज्य सरकारों से मिले कार्यों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियो ने अपने स्तर पर ऐसा कोई प्रयास किया हो विकास के नाम पर यह दिखाई तो नहीं देता है। डौंडीलोहारा सीट पर जनप्रतिनिधि बदलते रहे नहीं बदला तो विकास की तस्वीर जो समय के साथ आवश्यक था नगर,शहर, व ग्रामीण विकास के लिए
डौंडीलोहारा क्षेत्र की जनता की कई ऐसे महत्त्वपूर्ण जायज मांग है जो पूर्ण नहीं हो पाया हैं। कुछ प्रमुख मांग जो समय समय पर सामने आते रहा है।
- खरखरा जलाशय से डौंडीलोहारा क्षेत्र के किसानों को सिंचाई हेतु पानी
- डौंडीलोहारा नगर को पेयजल हेतु खरखरा जलाशय से पानी आपूर्ति
- खेल हेतु सर्वसुविधा युक्त स्टेडियम
- दल्ली राजहरा में सर्वसुविधा युक्त 100 बिस्तर अस्पताल
- रोजगार हेतु क्षेत्र में बड़े उद्योग कारखाने
- खरखरा जलाशय सहित अन्य जायज स्थानों को पर्यटन स्थल बनाने की मांग
- शहर से बाहर से बायपास रोड निर्माण की मांग
- 270 एकड़ जमीन पर निवासरत लोगों को पट्टा दल्ली राजहरा की वर्षों पुरानी मांग
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