
भीषण गर्मी में बिजली कटौती से ग्रामीण बेहाल, विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
45 डिग्री तापमान में दिन-रात गुल हो रही बिजली, जिला मुख्यालय से महज 5 किमी दूर गांवों में हाहाकार
बालोद। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही विद्युत कटौती ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। जिला मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम ओरमा, मेड़की और बघमरा के ग्रामीण इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहे हैं। 45 डिग्री तापमान में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग की लापरवाही और गलत लाइन व्यवस्था के कारण आए दिन बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। बताया जा रहा है आपको बता दे की बघमरा मेढकी ओरमा क्षेत्र की बिजली लाइन जगन्नाथपुर-सांकरा से जोड़ दिए है, इसके बाद लाइन बंद होने पर सप्लाई को जुंगेरा लाइन से जोड़ दिया जाता है, जिससे बार-बार फॉल्ट और कटौती की स्थिति बन रही है।
ग्रामीणों की मुख्य शिकायतें:
- बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली बंद कर दी जाती है
- दिन के साथ-साथ रात में भी घंटों कटौती जारी रहती है
- भीषण गर्मी में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान
- बिजली नहीं रहने से पेयजल संकट भी गहरा गया है, मोटर पंप बंद पड़े हैं
- कई बार शिकायत के बाद भी विभाग द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया
ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के इस दौर में बिजली कटौती ने हालात बदतर कर दिए हैं। रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही, वहीं दिन में गर्मी के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
सरपंच ने भी उठाई मांग,, ओरमा बघमरा मेंड़की की लाइन, बालोद मुख्यालय से जोड़ा जाए,, जिला मुख्यालय से लगे गांव होने के बावजूद भी 12 किलोमीटर दूर से लाइन जोड़ने से क्षेत्र में काफी आक्रोश है,उक्त मामले में सरपंच मंजूलता साहू ने कहा कि क्षेत्रवासियों को अनावश्यक विद्युत कटौती से राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि गांव की विद्युत सप्लाई को जिला मुख्यालय की लाइन से जोड़ा जाए ताकि ग्रामीणों को निर्ब नहीं किया गया तो वे ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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