आखिरकार दो माह की नन्ही बच्ची के मौत के लिये जिम्मेदार कौन है? इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के स्वास्थ्य मंत्री जी को पत्र लिखकर मांग किया है,ताकी दोषियों को सख्त सजा मिल सके। इस पीड़ाकाल में यह घटना बेहद ही पीड़ादायी है।
प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने दुर्ग की एक 2 माह की बच्ची रही कि मौत होने पर कुछ सवाल उठाते हुए जांच कराने की मांग को लेकर कुछ दस्तावेज व रिपोर्ट सौपते हुए कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व लचर व्यवस्था के कारण दुर्ग जिला के २ माह की मासूम बच्ची की जान चले जाने पर अत्यंत ही दुखद और मन झकझोर देने वाली हृद्यविदारक घटना छत्तीसगढ शासन स्वास्थ्य विमाग की घोर लापरवाही व लचर व्यवस्था को इगित करती है। दुर्ग जिले की यह घटना एक 2 माह की मासूम बच्ची रूही के साथ घटी है। बच्ची रूही को बुखार और दस्त की शिकायत थी, जिला अस्पताल दुर्ग मे प्रारभिक जांच मे डॉक्टरों द्वारा बच्ची की कोराना रिपार्ट का पॉजिटिव होना बताया गया और इस 2 माह की मासूम बच्ची के लिये दुर्ग मे वेटिलेटर के आभाव मे दुर्ग जिला अस्पताल से रायपुर जिला अस्पताल रिफर कर जिला अस्पताल दुर्ग द्वारा इतिश्री कर दिया गया।
रायपुर के जिला अस्पताल पहुचने के बाद पारिवार के लोगों द्वारा लगभग 01 घण्टे की मशक्कत करने पर डाक्टर से मुलाकात हुई लेकिन कारोना पाजिटिव होने के वजह से अस्पताल द्वारा वेटिलटर देने से साफ मना कर दिया गया और मासूम बच्ची को लेकर मेकाहारा अस्पताल जाने की बात कहते हुये रायपुर जिला अस्पताल द्वारा भी अपना पल्ला झाड़ दिया गया।
इसके पश्चात् जब बच्ची को लेकर मेंकाहारा अस्पताल पहुचे तो मेकाहारा अस्पताल प्रबंधन द्वारा ऐप के माध्यम से बेड चेक करने की बात कर कम्प्यूटर में व्यस्त हो गए और दूसरी तरफ मासूम रूही की टूटती सॉसो को लेकर प्रारभिक उपचार शुरू करने की परिजन मिन्नते करते रहे, लकिन उनकी किसी ने एक भी नहीं सुनी ओर जब बच्ची का प्रारभिक उपचार शुरू करने डाक्टर पहुँच तब तक बहुत देर हो चुकी थी, और मासूम रूही ने एम्बुलस में ही दम तोड दिया। अव्यवस्था का आलम यही खत्म नही हुआ, बच्ची की मौत पर रोते बिलखते परिजनो को एम्बुलेंस वाले ने भी शव का निजी वाहन से दुर्ग वापस ले जाने की बात कहकर वहा से चला गया।
परिजनो कें द्वारा किसी तरह से बच्ची को दुर्ग वापस लाया और मासूम रूही का अतिम॑ संस्कार किया परन्तु अंतिम सस्कार के 4 घटे के बाद ही मोबाईल पर मासूम रूही 2 माह की बच्ची की कारोना रिपोर्ट निगटिव आई। जिसे देख परिजनो ने छत्तीसगढ शासन.स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व अव्यवस्था को देख अपना माथा पिट लिया, क्योंकि बच्ची को प्राथमिक उपचार नहीं मिलने की सबसे बडी वजह उसकी कोरोना रिपोर्ट का पॉजिटिव होना था। जिला स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते मासूम की जान चली गई।
वैश्विक महामारी कोरोना काल के समय में छत्तीसगढ शासन, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उभर के सामने आई है। कृपया इस हृदयविदारक घटना को सज्ञान म॑ लेते हुए इसकी जाच कराकर 02 माह की मासूम बच्ची रूही और पीडित परिवार के दोषियों के विरूद्द कडी-से-कडी कार्यवाही की जावें।
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