
गोरेलाल सोनी की खबर
डौंडी- नगरपंचायत डौंडी में ना तो कांजी हाऊस की सुविधाएं है और ना ही लावारिश पशुओं को रखने की जिम्मेवारी जिसका जीता जागरण उदारहण है कि चोवाराम पिता कुहरी मानकर व तीरथ पिता घशिया मानकर तथा महेंद्र कुमार अमला पिता झाड़ूराम के करीब 2 एकड़ धान फसलों को आवारा पशुओं ने चाटकर स्वाहा कर दिया। बड़ी बात ये कि राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना रोका छेका अभियान को नजरअंदाज कर दिया है। नगरपंचायत डौंडी द्वारा लाये जारहे गौ पशु को बगैर कांजी हाऊस के नगरीय निकाय के सामुदायिक भवन में डाला जा रहा है। आलम यह है कि रोका छेका के तहत उक्त सामुदायिक भवन में डाले जा रहे लावारिश पशुओं का रिकार्ड नगरपंचायत के रिकार्ड में ही नही है। पता चल रहा है कि पूर्व में इसी सामुदायिक भवन पर रखे गए लगभग 280 गौ पशुओं को नगर के एक जिम्मेदार द्वारा रातो रात दूसरे क्षेत्र में नगरीय निकाय के कर्मचारी द्वारा भेजने की बाते सामने आ रही है । महत्वपूर्ण बात ये भी है कि वर्तमान सीएमओ बंजारे से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि मेरे समक्ष भी तीन व्यक्ति गाय पशु को खरीदने आये थे जिनके जवाब में उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि हम पशु बेचते नही उनका शासन के नियम तहत देखरेख करते आ रहे है।
सवाल :- यह उठ रहा कि पिछले वर्ष 280 गायों को नगरपंचायत डौंडी द्वारा सामुदायिक भवन में सुरक्षित रखी गई वह पशु आखिर गई तो कहा गई। चूंकि उक्त लावारिश पशु अभी तक नगर में दिख ही नही रहे। रेका छेका के तहत अभी वर्तमान में 78 लावारिश गायों की संख्या बताई गई है। तो पिछला 280 पशु कहाँ नदारद हो गए ? इसका जवाब नगरपंचायत डौंडी के पास भी नही है। खबर है कि पिछले 280 गाय पशु को नगरपंचायत के जिम्मेदार द्वारा क्षेत्र के आमाडुला मार्ग पर छोडवाया गया था।
गौरतलब है कि आदिवासी अंचल का ब्लाक मुख्यालय कहलाने वाले डौंडी में ना तो कांजी हाऊस है और ना ही शासन की घोषणा तहत बनने वाली महत्वपूर्ण गौठान इसके पीछे जिम्मेदार कौन-कौन ..???
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